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करतार सिंह दुग्गल नहीं रहे

करतार सिंह दुग्गल नहीं रहे

नई दिल्ली. 27 जनवरी 2012

करतार सिंह दुग्गल


सुप्रसिद्ध साहित्यकार करतार सिंह दुग्गल नहीं रहे. 94 साल के करतार सिंह दुग्गल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और हाल ही में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था.

1 मार्च, 1917 को पाकिस्तान के रावलपिंडी में जन्में करतार सिंह ने हिंदी, ऊर्दू और पंजाबी में समान रुप से लेखन किया. उन्होंने लाहौर से अंग्रेजी में एमए किया और बाद में आकाशवाणी में नौकरी शुरु की. उन्होंने 1942 से 1966 तक आकाशवाणी में केंद्र निदेशक समेत विभिन्न पदों पर काम किया. इस दौरान इन्होंने आकाशवाणी के लिये पंजाबी समेत दूसरी भाषाओं में कई नाटक और कहानियां लिखीं.

करतार सिंह दुग्गल ने सैकड़ों कहानियां और कविताएं लिखीं. उनकी कहानियों के कुल 24 संग्रह प्रकाशित हुये. इसी तरह कविताओं के भी 2 संग्रह प्रकाशित हुये. इसके अलावा दुग्गल ने 10 उपन्यास और 7 नाटक भी साहित्य संसार को सौंपे. इनकी कई कहानियों के देसी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुये और सैकड़ों संग्रह प्रकाशित हुये. जिन्हें अलग-अलग पाठ्यक्रमों में भी शामिल किया गया. हाल मुरीदों का, उपर की मंजिल, इनसानियत, मिट्टी मुसलमान की, चील और चट्टान, तुषार कण, सरबत्त दा भला जैसी उनकी रचनाएं बेहद लोकप्रिय थीं.

1966-73 में दुग्गल नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक पद पर थे और 1973 से 1976 तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में बतौर सलाहकार इन्होंने अपनी सेवाएं दीं. दुग्गल को 1988 में पद्ममूषण और 2007 में साहित्य अकादमी समेत कई सम्मान मिले. 1997 में दुग्गल को राज्यसभा के लिये चुना गया था.

दुग्गल के परिवार में उनकी पत्नी आयशा और एक पुत्र हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

ajit [rangmandalgorakhpur@gmail.com] Gorakhpur - 2012-02-02 08:00:51

 
  हमारी हार्दिक श्रद्धांजलि दुग्गल साहब को. 
   
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