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शकीरा को मिल ही गया लेटर्स

शकीरा को मिल ही गया लेटर्स

पेरिस. 29 जनवरी 2012

शकीरा


दुनिया के शीर्षस्थ 50 दानदाताओं में से एक प्रसिद्ध गायिका शकीरा को फ्रेंच सम्मान केवालियर डी ला डे लेटर्स से सम्मानित किया गया है. वे इस फ्रेंच सम्मान को पाने वाली पहली कोलंबियाई नागरिक हैं. कला और साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला यह सम्मान क्लिंट ईस्टवुड, बाब डिलन और टी एस ईलियट जैसे लोगों को भी दिया जा चुका है.

पिछले दिनों फ्रांस के संस्कृति मंत्री फेडरिक मितरां के हाथों यह सम्मान पाने वाली शकीरा का कहना था कि फ्रांस एक ऐसा देश है, जिसने पूरी दुनिया के साथ मिल कर एक श्रेष्ठतम सांस्कृतिक विरासत को गढ़ने का काम किया है. इस देश से सम्मान पाना मेरे लिये गौरव की बात है.

इससे पहले शकीरा को 2001 में श्रेष्ठ लैटिन पॉप अलबम के लिये ग्रेमी अवार्ड, 2006 में श्रेष्ठ लैटिन रॉक अल्टरनेटिव अलबम के साथ-साथ, रिकार्ड ऑफ द इयर, सांग ऑफ द इयर और अलबम ऑफ द इयर का ग्रेमी अवार्ड मिल चुका है.

हिप्स डोंट लाई जैसे गानों के लिये पूरब के देशों में आलोचना की शिकार रही शकीरा की ला तोर्तुरा, फिजासिओं ओरल वॉल, हाऊ डू यू डू, इल्लिगल जैसे गानों को दुनिया भर में सराहा गया है.

गायन के अलावा शकीरा ने 1995 में पीएस देस्काल्ज़ोस फाउंडेशन की स्थापना की थी. इस फाउंडेशन द्वारा उन कोलंबियाई बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है, जिनके पास पैसे नहीं हैं. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ मिल कर भी वे मानवता के हित में काम करती रहती हैं. उनकी काम की स्थिति, मनोदशा और समाजसेवा के प्रति उनके जूनून को संयुक्त राष्ट्र संघ के ही एक आयोजन में दिये गये उनके वक्तय से स्पष्ट होता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस दिन के अंत में जब हम सब घर जायेंगे, 960 बच्चों को लैटिन अमेरिका में मर जाना होगा


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