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उत्तराखंड में मतदान पर मौसम की मार

उत्तराखंड में मतदान पर मौसम की मार

देहरादून. 30 जनवरी 2012

भुवनचंद्र खंडूरी


उत्तराखंड में मौसम की मार का असर सोमवार की सुबह शुरु हुये मतदान पर भी साफ देखा जा सकता है. जिस समय मतदान शुरु हुआ, उस समय शहरी इलाकों में भी लोगों ने घरों से निकलना मुनासिब नहीं समझा. जाहिर है, 70 विधानसभा की सीटों पर होने वाले चुनाव में मौसम की महत्वपूर्ण भूमिका है. कम से कम 24 सीटें ऐसी हैं, जहां बर्फबारी और खराब मौसम के कारण प्रत्याशियों के माथे पर पसीना टपक रहा है. ऐसे में अधिकाश प्रत्याशी अपने मतदाताओं को बाहर निकालने के लिये एड़ी-चोटी की जोर लगा रहे हैं.

उत्तराखंड का चुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिये कितना महत्वपूर्ण है, इस बात का अंदाजा यहां आने वाले प्रचारकों से लगाया जा सकता है. दोनों ही पार्टियों के लगभग सभी प्रमुख नेताओं ने अपने प्रत्याशियों का प्रचार किया है. यहां तक कि टीम अन्ना ने भी अपने अभियान के लिये उत्तराखंड को ही चुना.

राज्य में 70 विधानसभा सीटों के लिये 788 उम्मीदवार मैदान में हैं. राज्य में भाजपा, कांग्रेस और बसपा के अलावा क्षेत्रीय दलों ने भी खूब जोर लगाया है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है लेकिन दोनों प्रमुख पार्टियां इलाके की छोटी-छोटी पार्टियों से डरी हुई हैं. यही कारण है कि अभी से राजनीतिक गलियारे में त्रिशंकू विधानसभा की फुसफुसाहट भी शुरु हो गई है.

असल में दोनों ही पार्टियों के लिये बागियों ने नाक में दम कर रखा है. बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा के बागी केदार सिंह फोनिया उत्तराखंड रक्षा मोर्चा से अपनी ही पार्टी के खिलाफ मैदान में है. वे पिछले महीने तक भाजपा के विधायक कहलाते थे लेकिन अब भाजपा के खिलाफ आग उगल रहे हैं. इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल के खासमखास रहे अनिल नौटियाल भी कर्णप्रयाग से भाजपा उम्मीदवार हरीश पुजारी को चुनौती दे रहे हैं. थराली से जी एल शाह, उरोला से रामकुमार, अल्मोड़ा से कैलाश शर्मा जैसे लोग खंडूरी है जरुर के नारे में खलल पैदा कर रहे हैं.


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