पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > व्यापार Print | Send to Friend 

भारतीय दवा कंपनी रैनबैक्सी का दायची द्वारा अधिग्रहण

भारतीय दवा कंपनी रैनबैक्सी का दायची द्वारा अधिग्रहण

 

मुंबई. 07 नवंबर 2008

 

जापान की बड़ी दवा निर्माता कंपनी दाइची ने भारत की अग्रणी दवा कंपनी रैनबैक्सी के 60 प्रतिशत शेयर ख़रीद कर उसका अधिग्रहण कर लिया है. इस सौदे के लिए उसे चार अरब अमरीकी डॉलर की रकम चुकानी पड़ी.


किसी विदेशी कंपनी का भारतीय कंपनियों में एक बड़ा हिस्सा ख़रीदकर अपना प्रभाव क़ायम करने का यह अबतक का दूसरा बड़ा मामला बताया जा रहा है. इससे पहले पिछले वर्ष टेलीकॉम सेक्टर में भारतीय कंपनी हच को 11 अरब अमरीकी डॉलर चुका कर वोडाफोन द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया था.


रैनबैक्सी-दायची सौदे की घोषणा इस वर्ष की शुरुआत में ही हो गई थी पर कई औपचारिकताएं बाकी थीं. दाइची ने कहा है कि उसने रैनबैक्सी के अधिग्रहण का कार्यक्रम पूरा कर लिया है.


ग़ौरतलब है कि सितंबर में अमरीका ने रैनबैक्सी की 30 दवाओं के आयात पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि वे दवा तैयार करने के मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं. इससे रैन्बैक्सी को बड़ा झटका लगा था और रैन्बैक्सी के शेयर इस प्रतिबंध के बाद तेज़ी से नीचे आए थे.
अब दाइची ने रैनबैक्सी के 60 प्रतिशत शेयरों का मालिकाना हासिल कर लिया है और रैनबैक्सी हाल के दिनों में विदेशी कंपनियों के हाथ जाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है.


रैनबैक्सी को खरीदने का सीधा लाभ जापानी कंपनी को मिलेगा. रैनबैक्सी जेनेरिक दवाओं के क्षेत्र में जाना माना नाम है और इस अधिग्रहण के द्वारा दायची तैयार जेनेरिक दवाओं के देशी और विदेशी बाज़ार पर काबिज हो सकेगा.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in