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बढ़ सकती है आयकर छूट की सीमा

बढ़ सकती है आयकर छूट की सीमा

नई दिल्ली. 30 जनवरी 2012

प्रणव मुखर्जी


अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो आने वाले दिनों में वेतनभोगियों की टैक्स सीमा 2 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है. अभी यह सीमा एक लाख अस्सी हजार रुपये है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले बजट में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी इस बात की घोषणा कर सकते हैं.

इसके अलावा 2010 में संसद में पेश डायरेक्ट टैक्स कोड बिल यानी प्रत्यक्ष कर संहिता बिल को आधार बना कर टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया जा सकता है. इस बिल के अनुसार टैक्स के स्लैब बदले गए हैं, मगर रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

डायरेक्ट टैक्स कोड के मुताबिक दो लाख रुपए की आमदनी तक कोई टैक्स नहीं लगेगा. 2 से 5 लाख की आमदनी पर 10 फीसदी की दर से तो 5 लाख से 10 लाख की आमदनी पर 20 फीसदी का टैक्स लगेगा. मगर जिनकी आमदनी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी उन पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा. इसके अलावा डायरेक्ट टैक्स बिल में कॉरपोरेट टैक्स की दर को 34 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी करने का प्रस्ताव है. हालांकि मैट की दरें 18 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव है.

डायरेक्ट टैक्स कोड बिल में यह प्रावधान रखा गया है कि कंपनियों और अनिगमित निकायों उनकी कुल आय के 30% पर कर लगाया जाएगा. एक लाख से कम आय वाले गैर लाभ निकायों को कर का भुगतान नहीं करना होगा. 1 लाख रुपये से ऊपर की आय के लिए कुल आय का 15 प्रतिशत की दर से कर लिया जाएगा.

इसके अलावा टैक्स के मामले में यदि एक कंपनी के सामान्य आय कर उसके किताब लाभ पर कर से कम है तो कर का भुगतान करना होगा. कर कंपनी के मुनाफे के 20 प्रतिशत पर लागू होगा. डायरेक्ट टैक्स कोड कुछ निवेशों पर एक सीमांत कर का प्रस्ताव है. लोकसभा में प्रस्तुत विधेयक में सरकारी निवेशों में मोचन के समय कर से छूट मिलेगी. इसमें गैर लाभ संगठनों के व्यक्तियों के अलावा अन्य व्यक्तियों को संपत्ति कर का भुगतान करना होगा. 1 करोड़ रुपये तक का धन कर मुक्त है. 1 करोड़ रुपये से ऊपर का धन कर 1 प्रतिशत पर लगाया जाएगा.