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बेटे की परीक्षा में शिक्षामंत्री ने कराई नकल

बेटे की परीक्षा में शिक्षामंत्री ने कराई नकल

जम्मू. 31 जनवरी 2012

पीरजादा मोहम्मद सईद


जम्मू-कश्मीर के शिक्षामंत्री ने शिक्षा विभाग के सारे नियम-कायदे को ताक पर रख कर न केवल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से अपने बेटे की परीक्षा में नकल मारने के लिये पर्चियां बनवाईं, बल्कि शिक्षा विभाग के विजिलेंस स्कवाड ने जब मंत्री पुत्र को नकल मारते पकड़ा तो उसे आधे घंटे के भीतर बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया. बात इतने पर ही खत्म नहीं होती. मंत्री पुत्र के लिये शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बजाप्ता परीक्षा में आये प्रश्नों को उत्तर पुस्तिका में हल भी किया. अब चार साल बाद कहीं जा कर राज्य के मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपा है.

गौरतलब है कि इससे पहले 2010 में अपनी बेटी को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलवाने के लिये फर्जी परीक्षार्थी को बैठाने के आरोप में कांग्रेसी नेता जी एम सरूर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अब वर्तमान शिक्षामंत्री के आरोपों में फंसने के बाद सरकार की एख बार फिर थुक्का-फजीहत हो रही है.

अब तक जो मामला सामने आया है, उसके अनुसार जम्मू कश्मीर के शिक्षा मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद के बेटे ने दिसंबर 2009 में दसवीं की परीक्षा दी थी, जिसके लिये नकल का इस्तेमाल किया गया था. नकल की सामग्री शिक्षा विभाग के ही एक आला अधिकारी ने तैयार की थी. इसके बाद नकल करते हुये विजिलेंस स्कवाड ने जब मंत्री पुत्र को पकड़ा तो थोड़ी देर बाद ही शिक्षा बोर्ड के सचिव के कहने पर उसे छोड़ दिया गया.

मंत्री के बेटे के रोल नंबर 228211 को लेकर परीक्षा में तैनात एक शिक्षक ने बोर्ड से की और आरोप लगाया कि मंत्री पुत्र को न केवल नकल करने दिया गया, बल्कि गणित और ऊर्दू के पर्चे दूसरे शिक्षकों ने हल किये हैं. मामले की जांच की गई तो बात सही पाई गई क्योंकि दोनों ही विषयों की उत्तर-पुस्तिका में परीक्षार्थी दो-दो तरह की लिखावट थी. इसके बाद इस परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम रोकने के दिशा-निर्देश जारी किये गया.

अनफेयर मिन्स कमेटी ने इस मामले में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बयान लिये और पाया कि मामला सही है. लेकिन यह सब होने के बाद भी राजनीतिक दबाव में मंत्री पुत्र का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया. फिर पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी की गई. राजभवन और मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिक्षा बोर्ड को पूरी जांच की रिपोर्ट सौंपने और मामले में कार्रवाई के निर्देश दिये लेकिन शिक्षा बोर्ड ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आदेश की भी अनदेखी कर दी.

अब चार साल बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ा और सोमवार को एक स्थानीय अखबार ग्रेटर कश्मीर ने शिक्षा मंत्री के बेटे की दो लिखावट वाली कॉपी को ही छाप दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने शिक्षा मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद के बेटे की फाइल को क्राइम ब्रांच को सौंपते हुये एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है. माना जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट आने से पहले ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कार्रवाई कर सकते हैं.


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