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2जी घोटाले में 122 दूरसंचार कंपनियों के लाइसेंस रद्द

2जी घोटाले में 122 दूरसंचार कंपनियों के लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली. 2 फरवरी 2012

पी चिदंबरम


उच्चतम न्यायालय ने सरकार को एक तगड़ा झटका देते हुये 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में ए राजा के समय जारी किये गये 122 दूरसंचार कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिये हैं. इसके अलावा सभी कंपनियों को 5-5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी जमा करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा पी चिदंबरम को इस मामले में ए राजा के साथ अपराधी माने जाने का फैसला निचली अदालत पर छोड़ दिया है. न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी व एके गांगुली की पीठ ने गुरुवार को पी चिदंबरम और 2जी घोटाले के खिलाफ दायर तीन याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया. गौरतलब है कि न्यायमूर्ति एके गांगुली गुरुवार को ही सेवानिवृत भी होने वाले हैं.

जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सह आरोपी बनाने के लिये अदालत में अर्जी लगाई थी. स्वामी का कहना था कि राजा ने जो कुछ किया, उसमें पी चिदंबरम की पूरी सहमति थी. जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम के खिलाफ सारे सबूत हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में भी सहमति जताई थी. जाहिर है, पी चिदंबरम पर आरोप का अर्थ ये भी था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जानकारी में भी सारा घोटाला था. ऐसे में सुब्रह्मण्यम स्वामी के आरोप पूरी यूपीए सरकार को भी घेरे में खड़ी करने वाली थी.

2जी स्पेक्ट्रम मामले में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने हलफनामा दिया था कि 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में ए राजा ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सहमति से ही सभी घोटालों को अंजाम दिया. स्वामी के अनुसार इसके लिये ए राजा और पी चिदंबरम के बीच कई दौर की बैठकें भी हुईं और इन्हीं बैठकों में स्पेक्ट्रम की कीमतें भी तय की गईं. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस पूरे मामले में राजा और चिदंबरम के बीच की बातचीत का ब्यौरा सौंपते हुये आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम ने ही बतौर वित्तमंत्री 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिये पहले आओ, पहले पाओ की नीति को मंजूरी दी थी. यहां तक कि ए राजा ने जब 2001 की निर्धारित दर पर 2जी स्पेक्ट्रम को मंजूरी देने की बात की तो वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विरोध किया और फिर जब राजा ने 2007 की दर पेश की तो उसे चिदंबरम ने तत्काल अपनी सहमति दे दी.

इसके अलावा एक एनजीओ ने भी याचिका दायर कर के आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम 2जी घोटाले में शामिल हैं. एनजीओ सीपीआईएल ने याचिका में कहा था कि नियम-कानूनों को ताक पर रख कर दूरसंचार कंपनियों को दिए गए 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंस रद किए जाएं. इसी एनजीओ ने 2जी घोटाले की चल रही सीबीआइ जांच में खामियां बताते हुए सुप्रीमकोर्ट से दो-तीन विशेषज्ञों का विशेष जांच दल गठित करने की भी मांग की थी. एनजीओ का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के लिए 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच की रोजाना निगरानी करना संभव नहीं है. ऐसे में जांच की खामियों की बारीकियां विशेषज्ञों के लिए समझना ज्यादा आसान होगा, लेकिन शीर्ष अदालत समय-समय पर विशेष जांच दल से रिपोर्ट मंगाकर देखती रहे.


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