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अमरीका में भारतीयों के साथ नस्लभेद

अमरीका में भारतीयों के साथ नस्लभेद

वाशिंगटन. 4 फरवरी 2012

हावर्ड विश्वविद्यालय


अमरीका में भारतीय छात्रों के साथ नस्लभेदी व्यवहार की अमरीकन शिक्षा विभाग ने जांच शुरु कर दी है. अमरीका के हार्वर्ड और प्रिंस्टन विश्वविद्यालयों में इस तरह के भेदभाव के बाद हालांकि शुरुवाती जांच में विभाग ने इस आशंका से इंकार नहीं किया है लेकिन उन्होंने इसके लिये किसी अधिकारी को जिम्मेवार नहीं बताया है.

गौरतलब है कि कैलिफॉर्निया हाईस्कूल के एक भारतीय मूल के अत्यंत मेधावी छात्र ने आरोप लगाया था कि हार्वर्ड और प्रिंसटॉन विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुयेट प्रवेश की प्रक्रिया में एशियाई मूल के छात्रों के साथ नस्लभेदी भेदभाव बरता जाता है. छात्र का आरोप था कि इसी भेदभाव के कारण एक एशियाई छात्र को हावर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया.

अमरीका में भारतीयों के साथ नस्लभेद को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति के लिये मैदान में उतरे जॉन हंट्समैन को लेकर भी देश में बहस हो रही है. हंट्समैन ने भारत और चीन से एक-एक बेटियां गोद ली हैं. इन बेटियों को लेकर एक वीडियो जारी करते हुये यह बताने की कोशिश की गई है कि उनकी बेटियों में अमरीका के प्रति प्रेम और अमरीकी मूल्यों की कमी है. इस वीडियो में हट्समैन को अपनी भारतीय बेटी आशा के साथ तिलक लगाये हुये दिखाया गया है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

काजल कुमार [] - 2012-02-04 11:56:47

 
  कोई क्या करे उस देश का जिसे सिख और ओसामा में अंतर नहीं पता. शायद यही वो अज्ञान के अमरीकी मूल्य हैं जो इन बेचारे भारतीयों ने नहीं सीखे होंगे क्योंकि तिलक देख कर डर गए होंगे बेचारे दाखिला देने वाले 
   
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