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माइक पांडे को मिला शांताराम अवार्ड

माइक पांडे को मिला शांताराम अवार्ड

मुंबई. 6 फरवरी 2012

माइक पांडे


अर्थ मेटर्स फाउंडेशन के चेयरमैन व जाने-माने पर्यावरणविद फिल्मकार माइक पांडे को वी शांताराम लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में माइक की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुये उन्हें यह सम्मान दिया गया.

गौरतलब है कि केन्या में जन्मे माइक पांडे और उनके भाई ईश्वर ने अमरीका और ब्रिटेन में फिल्म निर्माण का प्रशिक्षण लिया और शुरुवाती दिनों में उन्होंने रजिया सुल्तान, बेताब, गजब जैसी फिल्मों के स्पेशल डायरेक्टर के बतौर काम किया लेकिन केन्या के नेशनल पार्क से जुड़ीं उनकी बचपन की जड़ों ने उन्हें वन जीवों की फिल्मों की ओर आकृष्ट किया. इसके बाद तो वन और वन जीवों पर फिल्मों का एक सिलसिला ही शुरु हो गया.

अपनी तरह के विलक्षण फिल्मकार माइक पांडे को सरगुजा, छत्तीसगढ़ के जंगली हाथियों को लेकर बनाई गई 'द लॉस्ट माइगरेशनः वाइल्ट एलिफेंट कैप्चर एट सरगुजा' के लिये 1994 में ग्रीन ऑस्कर से सम्मानित किया गया. माइक से पहले यह सम्मान किसी एशियाइ को नहीं मिला था.

इसी तरह उनकी फिल्म 'शोरेस ऑफ साइलेंस-व्हेल शार्क्स इन इंडिया' के लिये 2000 में ग्रीन आस्कर से सम्मानित किया गया. इसके अलावा इस फिल्म को लगभग एक दर्जन बडे़ पुरस्कार और सम्मान मिले हैं. हाथियों पर ही बनाई गई फिल्म 'वैनेसिंग जायंट्स' के लिये भी 2004 में ग्रीन ऑस्कर प्रदान किया गया.

माइक पांडे की अर्थ मैटर्स श्रृंखला की फिल्मों के अलावा हनी हंटर ऑफ द ब्लू माउंटेन और कल्पवृक्ष जैसी फिल्मों को भी खूब सराहा गया है और इन सभी फिल्मों के लिये माइक पांडे को लगभग 300 पुरस्कार और सम्मान मिले हैं.

मुंबई में प्रदान किये गये वी शांताराम अवार्ड के तहत माइक पांडे को 5 लाख रुपये की राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किये गये. महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया.


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