पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

टीम अन्ना ने मांगा मनमोहन, चिदंबरम से इस्तीफा

टीम अन्ना ने मांगा मनमोहन, चिदंबरम से इस्तीफा

नई दिल्ली. 7 फरवरी 2012

शांति भूषण


टीम अन्ना की कोर कमेटी के सदस्य और देश के पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने कहा है कि 2जी घोटाले में 122 लायसेंसों के रद्द होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये.

टीम अन्ना की ओर से जारी एक बयान में शांति भूषण ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 122 लाइसेंस खारिज किए जाने से इस बात की पुष्टि हो गई है कि लाइसेंस के 2001 के मूल्य पर आवंटन से सरकार को भारी नुकसान हुआ है. चिदम्बरम ही नहीं प्रधानमंत्री को भी पद छोड़ने के लिए कहने का यह एक पुख्ता आधार है.

शांति भूषण के अनुसार यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रधानमंत्री को स्थिति की जानकारी थी और वह 2001 की कीमत पर लाइसेंस आवंटन को रोक सकते थे. वह राजा को सरकार से बाहर कर सकते थे. उनका यह कहना कि गठबंधन सरकार होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सके मान्य नहीं है. केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने कहा है कि लाइसेंस धारक कम्पनियों को ऊंची कीमत पर हिस्सेदारी बेचने की अनुमति देने के तत्कालीन वित्त मंत्री के कार्य से वह इस मामले में कोई पक्ष नहीं बनते हैं, भले ही यह लाइसेंस की शर्तों के विरुद्ध था.

अपने बयान में शांति भूषण ने कहा अन्य सबूत के अभाव में विशेष न्यायाधीश का स्वामी की याचिका को खारिज करना सही हो सकता है लेकिन षड्यंत्र के मामले में प्रभावी सबूत तभी सामने आते हैं, जब एक स्वतंत्र और अधिकार प्राप्त एजेंसी जांच करती है.

शांति भूषण ने सीबीआई के दुरुपयोग की आशंका जताते हुये कहा कि सीबीआई चिदम्बरम के खिलाफ स्वतंत्रता पूर्वक जांच नहीं कर सकती है, क्योंकि गृहमंत्री सीबीआई अधिकारियों के स्थानांतरण, पोस्टिंग, प्रोन्नति, निलम्बन और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर नियंत्रण रखते हैं. यदि इस सिद्धांत को माना जाए कि जब तक उपलब्ध साक्ष्य से ही व्यक्ति के षड्यंत्र में शामिल होने का पता नहीं चले किसी के खिलाफ कोई जांच नहीं कराई जा सकती है, तो कभी किसी आतंकवादी के खिलाफ जांच नहीं कराई जा सकती है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in