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कांस्टेबल को बंदर की तरह गुलाटी की सजा

कांस्टेबल को बंदर की तरह गुलाटी की सजा

नई दिल्ली. 7 फरवरी 2012

सेजू पी कुरुविला


पटियाला हाउस कोर्ट में कॉन्सटेबल को बंदर की तरह गुलाटी मारने की सजा दिये जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया हुई है. पुलिस जवानों ने जहां इस पूरे मामले की जांच की मांग की है, वहीं पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से भी जांच शुरु करने की खबर है. टीम अन्ना की सदस्य और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस घटना को सामंती सोच का परिणाम बताया है

गौरतलब है कि मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में तैनात दिनेश कुमार नामक कॉन्सटेबल किसी से सेल फोन पर बातचीत कर रहा था. उसी समय गेट नंबर 6 से एक आईपीएस अफसर अतिरिक्त उपायुक्त सेजू पी कुरुविला सादी वर्दी में वहां पहुंचे. कॉन्सटेबल से गलती ये हुई कि वह सादी वर्दी वाले इस आईपीएस को नहीं पहचान पाया. इसके बाद साहब का मिजाज सातवें आसमान पर जा पहुंचा.

आईपीएस सेजू पी कुरुविला ने कॉन्सटेबल दिनेश कुमार को पहले तो थप्पड़ों से मारा और उसी समय खाप पंचायत शैली में फरमान सुनाया कि वह बंदरों की तरह गुलाटी मारते हुये पूरे अदालत का चक्कर लगाये. अफसर के डर के कारण दिनेश ने तुरंत उस पर अमल किया और बंदरों की तरह गुलाटी मारते हुये उसने अदालत का चक्कर लगाना शुरु किया. इस अमानवीय तरीके से दी गई सजा को कई वकीलों ने भी रिकार्ड किया और अदालत के संज्ञान में भी यह बात लाई गई.

खबर है कि कुछ वकीलों ने पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है. वकीलों ने कहा कि यह मानवाधिकार का उल्लंघन है और इस पूरे मामले को वो मानवाधिकार आयोग में ले जाएंगे.