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घटा है वनों का क्षेत्रफल

घटा है वनों का क्षेत्रफल

नई दिल्ली. 7 फरवरी 2012

वन


भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा 2011 की जारी रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया है कि पिछले कुछ सालों में देश में वनों का क्षेत्रफल कम हुआ है. उपग्रह के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट से पता चला है कि देश में वन क्षेत्र में 367 वर्ग किलोमीटर की कमी हुई है.

मंगलवार को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में सचिव श्री टी. चटर्जी ने भारत की वन स्थिति रिपोर्ट-2011 जारी की. मौजूदा आंकलनों के अनुसार देश में वन और वृक्ष क्षेत्र 78.29 मिलियन हेक्टेयर है, जो देश के भैगोलिक क्षेत्र का 23.81 प्रतिशत है. 2009 के आंकलनों की तुलना में, व्याख्यात्मक बदलावों को ध्यान में रखने के पश्चात देश के वन क्षेत्र में 367 वर्ग किलोमीटर की कमी हुई है.

इस रिपोर्ट के अनुसार 15 राज्यों ने सकल 500 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें 100 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वृद्धि के साथ पंजाब शीर्ष पर है. 12 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने 867 वर्ग कि.मी तक की कमी दर्ज की है.

आंध्रप्रदेश में 281 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र की कमी यूकेलिप्टस और अन्य मसालों के परिपक्व रोपण वाली खेती के कारण हुई. पूर्वोत्तर के वन क्षेत्र में कमी खास तौर यहां पर खेती के बदलावों के कारण हुई है. 77,700 वर्ग किलोमीटर के साथ मध्यप्रदेश में वन क्षेत्र सर्वाधिक है इसके पश्चात 67,410 वर्ग किलोमीटर के साथ अरुणाचल प्रदेश का स्थान है.

भारत में कुल भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार वन क्षेत्र प्रतिशत के संदर्भ में 90.68 प्रतिशत के साथ मिजोरम शीर्ष पर है इसके पश्चात 84.56 प्रतिशत के साथ लक्षद्वीप का स्थान है. वन से बाहर भारत के वन और पेडों की कुल वृद्धिरत मात्रा का आंकलन 6047.15 मिलियन क्यूबिक मीटर किया गया है यानि रिकॉर्ड किए गए वन क्षेत्र के भीतर 4498.73 और इसके बाहर 1548.42 मिलियन क्यूबिक मीटर का क्षेत्र है.


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