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खेती में और पूंजी निवेश जरुरी-प्रणव मुखर्जी

खेती में और पूंजी निवेश जरुरी-प्रणव मुखर्जी

नई दिल्ली. 8 फरवरी 2012

प्रणव मुखर्जी


वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि देश में वाजिब दरों पर अनाज पहुंचाना एक मुश्किल वादा है. उन्होंने कहा कि खेती की पैदावार बढ़ने के बाद भी हम अनाजों को सही जगहों पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं. प्रणव मुखर्जी बुधवार को सार्वजनि‍क वि‍तरण व्यवस्था पर सम्मेलन में बोल रहे थे.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि हम अपने सभी नागरि‍कों को वाजि‍ब दरों पर अनाज तक पहुंच उपलब्ध कराने के लि‍ए प्रति‍बद्ध हैं. यह एक ऐति‍हासि‍क, लेकि‍न मुश्कि्‍ल वायदा है. पि‍छले 6 दशकों के दौरान और बंगाल अकाल के बाद से काफी समय बीत चुका है. हमारी खेती की पैदावार तब से काफी बढ़ गयी है, लेकि‍न हम अब भी इस उपलब्धता को सुनिश्चित नहीं कर पाये हैं.

वित्त मंत्री के अनुसार 12वीं योजना के दृष्टिकोण पत्र में कहा गया है कि‍ 2007 और 2010 के बीच की अवधि‍ में वेतन दर में अखि‍ल भारतीय स्तर पर 16 प्रति‍शत की वृद्धि‍ हुई. सबसे तेज वि‍कास दर आंध्र प्रदेश की 42 प्रति‍शत रही, जबकि‍ ओडीशा में यह 33 प्रति‍शत थी. बि‍हार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी यह वृद्धि‍ दर क्रमश: बढ़कर 19 और 20 प्रति‍शत रही.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि हमारे सामने बढ़ती हुई आबादी को भोजन उपलब्ध कराने और उन्हें पोषक आहार देने की भी चुनौती है. सरकार ने देश के पूर्वोत्तर भाग तक हरि‍त क्रांति‍ पहुंचाने का एक कार्यक्रम शुरू कि‍या है. इसके लि‍ए हमें खेती में और पूंजी नि‍वेश करने की जरूरत है.

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा वि‍धेयक 2011 की चर्चा करते हुये प्रणव मुखर्जी ने कहा कि इस विधेयक में खासतौर से सार्वजनि‍क वि‍तरण व्यवस्था में सुधार की चर्चा की गयी है ताकि‍ यूनि‍क आईडेंटीफि‍केशन के लि‍ए आधार का लाभ उठाया जा सके और इस अधि‍नि‍यम के अंतर्गत पात्र लाभार्थि‍यों तक अनाज पहुंच सके.


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