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बेटे-बहू के चक्कर में भी फंसेंगे चिदंबरम

बेटे-बहू के चक्कर में भी फंसेंगे चिदंबरम

नई दिल्ली. 8 फरवरी 2012 विशेष संवाददाता (छत्तीसगढ़)

पी चिदंबरम


शायद पी चिदंबरम के लिये विशेष सीबीआई जज ओ पी सैनी की अदालत से मिली राहत अंत भला तो सब भला वाली कहावत पर खरी ना भी उतरे! दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में जारी घुसपुस के मुताबिक स्वामी कैम्प चिदंबरम के राज खोद निकालने में जुट गया है.

विशेष अदालत के जज ओ पी सैनी ने अपने आदेश में कहा-अंतत: चिदंबरम केवल दो फैसलों में शामिल थे- स्पेक्ट्रम की कीमत 2001 के स्तर पर रखना और दो कम्पनियों द्वारा अपनी भागीदारी बेचना यह दोनों काम आपराधिक नहीं है. जबकि राजा के खिलाफ दायर आरोपपत्र में यही बातें 1 और 5 वे नम्बर के आरोप हैं. स्पेक्ट्रम की कीमत में संशोधन ना करने और दो कम्पनियों द्वारा भागीदारी बेचने के दो फैसलों में शामिल होने के बावजूद उनके द्वारा कोई भी आपराधिक काम ना किए जाने के बाद यह नहीं कहा जा सकता कि वह आपराधिक षड्यंत्र में प्रथम दृष्टया शामिल थे.

कानूनी हलकों के मुताबिक इस फैसले के उच्च न्यायालय में पलट जाने की पूरी उम्मीद है. सूत्रों का कहना है कि सुब्रमण्यम स्वामी के पास नॉर्थ ब्लॉक से जुटाए गए और अदालत के आदेश पर हासिल किए गए कुछ कागज़ात के अलावा चिदंबरम के खिलाफ कोई सुबूत नहीं था. चिदम्बरम के खिलाफ तगड़ा मामला बनाने के बजाए उनका भांडा फोड़ने के नाम पर स्वामी अपनी ही डुगडुगी बजाए जा रहे थे.

नयी दिल्ली के हलकों में जारी घुसपुसाहट के मुताबिक स्वामी कैम्प अब 2- जी घोटाले में चिदम्बरम की भूमिका का एक नया ही सिरा तलाश रहा है, जिसके तार दयानिधि मारन के कार्यकाल से जुड़े हैं.

सीबीआई द्वारा दयानिधि मारन के खिलाफ दायर एफआईआर में कहा गया है- 26 दिसम्बर 2006 को मैक्सिस कम्यूनिकेशन की शाखा ग्लोबल क्म्युनिकेशन ने एयरसेल का अधिग्रहण कर लिया गया और ग्लोबल कम्यूनिकेशंस और सिन्द्या सिक्योरिटीज़ के बीच एक संयुक्त कम्पनी डेक्कन डिजिटल नेट्वर्क बनया गया. शिवशंकर द्वारा स्थापित एयरसेल मैक्सिस कम्यूनिकेशंस, बरहाद ऑफ मलेशिया और सिन्द्या सिक्योरिटीज़ एंड इंवेस्ट्मेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उपक्रम थी, जिसके प्रमोटर चेन्नई का रेड्डी परिवार है. इसकी वेबसाईट के मुताबिक इस संयुक्त उपक्रम में मैक्सिस का हिस्सा सबसे ज्यादा 74 फीसदी है.

अपोलो हॉस्पिटल के प्रमोटर ने सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करवाने के समय ही बताया था कि पी द्वारकानाथ रेड्डी और सुनीता रेड्डी द्वारा प्रमोट की गई सिन्द्या सिक्युरिटीज़ एंड इंवेस्ट्मेंट प्रा लि के एयरसेल में हिस्से हैं, जो कि तेजी से बढ़ रहे व्यावसायिक अवसरों वाले टेलिकॉम क्षेत्र में एक सामरिक निवेश है. सुनीता रेड्डी प्रताप रेड्डी की बेटी है.

सवाल यह उठता है कि एक लोकप्रिय हॉस्पिटल टेलिकाम क्षेत्र में व्यावसायिक अवसर तलाश कर निवेश क्यों करता है?

मेडिकल और व्यापारिक हलकों में फैली खबरों के मुताबिक एयरसेल में अपोलो का निवेश एक तरह की रिश्वत है. अपोलो में डॉक्टर स्तर की तरह काम करती श्रिनीति चिदम्बरम देश के गृहमंत्री पी चिदम्बरम के बेटे कार्तिक की पत्नी है. सूत्रों का कहना है कि अपनी बहू के जरिये चिदंबरम को प्रमोटरों के कोटा से शेयर उनकी बहू के नाम पर दिए गए थे- बदले में चिदंबरम ने रेड्डियों को एयरसेल दे दिया.

सीबीआई के हलकों में यह सुगबुगाहट भी है कि जिस समय दयानिधि और कलानिधि मारन के निवास स्थानों पर छापे मारे गए थे, सीबीआई अफसरों का एक दल नंगमबक्कम के पॉश इलाके में बने सुनीता रेड्डी के घर मौजूद था. लेकिन ना तो सीबीआई ने सुनीता रेड्डी के घर इस दल की मौजूदगी की आधिकारिक रूप से पुष्टि की, ना ही अपोलो अस्पताल ने. सीबीआई के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह अधिकारी वहां यह सुनिश्चित करने के लिए खड़े थे कि किसी भी रूप में श्रिनीति का नाम जांच में न आने पाए.

तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में इस आशय की खबरें आम हैं कि दबंग मारनो को इस सौदे की खबर है और उन्होंने साफ कर दिया है कि सीबीआई एक इंच भी उनकी तरफ बढ़ी तो वह चिदंबरम की बलि ले लेंगे. मारन भाइयों के खिलाफ मामला चलाने में सीबीआई के ढीलेपन का कारण यही बताया जा रहा है.

चिदम्बरम और अपोलो अस्पताल के गहरे आपसी संबंधों का पता अस्पताल श्रृंखला द्वारा चिदम्बरम के गृह नगर उनीन्दे से कस्बे करईकुदि में 110 बिस्तरों वाला अस्पताल बनवाने से चलता है. मेडिकल हलकों में फैली खबरों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट चिदम्बरम की बहू को 2009 में अपोलो अस्पताल के शेयर आबंटित करने के बाद किया गया. करईकुदी अस्पताल का उद्घाटन किसी और ने नहीं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 27 दिसम्बर 2011 को चिदम्बरम की मौजूदगी में किया था. एक देश के प्रधानमंत्री को एक उनीन्दे से कस्बे में अस्पताल खोलने की क्या जरूरत थी?

सूत्रों का कहना है कि मारन बंधुओं को एयरसेल के मालिक शिवशंकरन को मजबूर करने के एवज में अनंतकृष्णन ने करोड़ों रुपए रिश्वत दी, लेकिन चिदम्बरम को उनकी बहू के नाम पर शेयरों के रूप में रिश्वत अनियमितताओं की तरफ से आंखे मूंदने के लिए दी गई. तब के नियमों के मुताबिक टेलिकाम क्षेत्र में 74 फीसदी से ज्यादा सीधा विदेशी निवेश मान्य नहीं था, लेकिन मलेशियाई स्टॉक एक्स्चेंज में लिस्ट की हुई मैक्सिस ने मार्च 2006 में कहा कि 74 फीसदी की जगह एयरसेल में उसकी हिस्सेदारी 99.3 फीसदी थी.

दिल्ली के हलकों में गर्म खबरों के मुताबिक आरएसएस के लोग चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम द्वारा पिता के वित्त मंत्री रहते हुए किए गए अंदरूनी व्यापार की गहराई से छानबीन कर रहे हैं. चिदु पुत्र कार्तिक चिदंबरम के तेजी से बढ़ते वासन आई केयर में हिस्सेदारी पर भी नजर रखी जा रही है. अस्पतालों की यह श्रृंखला तेजी से बढ़ी है. चिदंबरम वासन आई केयर से हमेशा से जुड़े रहे हैं. उन्होंने वासन आई केयर के 25 वें और 100 वें अस्पताल का उद्घाटन किया था. चेन्नई में 2008 में प्रवेश करने वाले वासन समूह के अस्पतालों की अकेली चेन्नई में 15 शाखाएं हैं.

सूत्रों का कहना है कि अपने दफ्तर की जासूसी के मुद्दे पर चिदंबरम से खार खाए बैठे प्रणब मुखर्जी भी इस मौके पर अपना हिसाब चुकता करने के मूड में हैं.


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