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चांद की अंतिम कक्षा में चंद्रयान-1

चंद्रयान-1 पहुँचा चंद्रमा की आखिरी कक्षा में

 

बेंगलुरु. 13 नवंबर 2008

 

बुधवार शाम को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा भेजे गए पहले मानवरहित अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की आखिरी कक्षा में प्रवेश करने में सफलता हासिल की. अब यह यान चंद्रमा की सतह से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर रह गया है.

इसरो के वैज्ञानिकों ने इसे भारतीय अंतरिक्ष प्रयासों की बड़ी उपलब्धि बताया है. इसरो द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार यह सफलता अंतरिक्ष यान के 440 न्यूटन लिक्विड इंजन को बार-बार दागने से हासिल हुई. उसे पिछले तीन दिनों में कुल मिलाकर 16 मिनट तक दागा गया.

अब चंद्रयान 1 अपनी मौजूदा कक्षा से तकरीबन दो घंटे में चंद्रमा के चक्कर काट सकेगा. यह यान इसी कक्षा में अगले दो वर्ष तक रहकर इसरो के गहन अंतरिक्ष नेटवर्क से निर्देश प्राप्त करेगा और उसे चंद्रमा से संकेत भेजेगा. गौरतलब है कि चंद्रयान 1 के साथ 11 वैज्ञानिक उपकरण भी है, जिसमें से पाँच इसरो द्वारा निर्मित हैं.


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