पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

अन्ना को इंदिरा शांति पुरस्कार की अनुशंसा

अन्ना को इंदिरा शांति पुरस्कार की अनुशंसा

नई दिल्ली. 13 फरवरी 2012

अन्ना हजारे


दो महीने पहले सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को केंद्र की यूपीए सरकार के ही संस्कृति मंत्रालय ने 2011 के गांधी शांति पुरस्कार के लिए चुनने की तैयारी कर डाली. पुरस्कार के लिए योग्य माने गए लोगों के नामों में हजारे का नाम भी शामिल था पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सूची को रोक दिया है. संस्कृति मंत्रालय से और नामों पर भी विचार करने को कहा गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय इन नामों को लेकर नाराज है. उसका मत है कि पुरस्कार के लिए संभावित नामों का चयन करने के पहले और मंथन हो. अन्य नामों पर विचार करके सूची तैयार की जाए. प्रधानमंत्री की नाराजगी के बाद सूची को चयन समिति के पास नहीं भेजा गया. इसे देखते हुए संस्कृति मंत्री कुमारी शैलजा ने पुरस्कार की चयन समिति में शामिल सदस्यों से ही कहा है कि वे गांधी शांति पुरस्कार के लिए और नाम सुझाएं.

यह पहला मौका है, जब ज्यूरी के सदस्यों को ही पुरस्कार के लिए नाम बताने कहा गया है. जबकि नियमों में यह प्रावधान है कि ज्यूरी के पूर्व सदस्य और अन्य लोग ही नाम भेज सकते हैं. इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज भी ज्यूरी की मेंबर हैं.

उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले ही हफ्ते उनको ऐसा पत्र मिला है. इसमें सुषमा से जल्द से जल्द पुरस्कार के योगय व्यय्ति का नाम भेजने को कहा गया है. स्वराज का कहना है कि सूची तो दूर उनको यही पता नहीं था कि उन्हें चयन समिति का सदस्य बनाया गया है. ऐसी हालत में वह नाम कैसे भेजती.

चयन समिति के दूसरे सदस्य प्रख्यात फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल का भी कहना था कि उनके पास पुरस्कार के लिए किसी का नाम चयन करने संबंधी कोई जानकारी नहीं थी. शैलजा का पत्र उनको भी मिला है.

पुरस्कारों के लिए संस्कृति मंत्रालय द्वारा तय की गई सूची में किशन बापट बाबूराव हजारे का नाम भी है, जो अन्ना हजारे के नाम से ज्यादा जाने जाते हैं. इसमें नोबल पुरस्कार से सम्मानित आंग सू की, बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, राज्य सभा सदस्य कर्ण सिंह, कृषि सचिव एमएस स्वामीनाथन, गायक स्वर्गीय भूपेन हजारिका का नाम भी शामिल है.

मंत्रालय के अफसरों का कहना है कि यह प्रस्ताव अक्टूबर से प्रधानमंत्री कार्यालय में अटका हुआ है. आमतौर पर पुरस्कार नवंबर में घोषित किए जाते हैं और जनवरी में समारोह में उसे दिया जाता है. नाम तय होने के बाद उसे ज्यूरी के पास भेजा जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, भारत के चीफ जस्टिस, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सदस्य होते हैं. वर्तमान समिति में श्याम बेनेगल के अलावा इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति भी शामिल हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in