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विधानसभा में ब्लू फिल्म कांड की पुलिस जांच

विधानसभा में ब्लू फिल्म कांड की पुलिस जांच

चेन्नई. 14 फरवरी 2012

ब्लू फिल्म


कर्नाटक विधानसभा की कार्रवाई के दौरान ब्लू फिल्म देखने वाले भाजपा के तीन मंत्रियों के खिलाफ अब पुलिस जांच करेगी. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट किरन खेनी ने शहर के अधिवक्ता धर्मपाल गौड़ा की शिकायत पर कर्नाटक पुलिस को यह निर्देश दिया है. अदालत ने तीनों मंत्रियों के खिलाफ जांच कर उसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है.

चेन्नई के अधिवक्ता धर्मपाल गौड़ा ने अदालत में शिकायत दर्ज करते हुये कहा था कि राज्य सरकार के तीन पूर्व मंत्रियों लक्ष्मण सवदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर ने विधानसभा में ब्लू फिल्म का लेन-देन करके और उसे देख कर आईपीसी की धारा 292 और 294 के तहत अपराध किया है.

हालांकि विधानसभा की कार्रवाई के दौरान ब्लू फिल्म देखने वाले कर्नाटक के तीनों मंत्रियों के इस्तीफे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इन तीनों के विधानसभा में प्रवेश पर रोक लगा दिया है. लेकिन इनके खिलाफ अब तक कोई जांच शुरु नहीं की गई है.

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में सदन की कार्रवाई के दौरान राज्य के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवाडी और महिला व बाल कल्याण मंत्री सीसी पाटिल को पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़ा गया था. दोनों मंत्री उस दौरान पोर्न फिल्म देख रहे थे, जब विधानसभा में बीजापुर जिले में पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर हंगामेदार बहस चल रही थी. उन्हें यह फिल्म एक तीसरे मंत्री कृष्णा पालेमर ने अपने मोबाइल से फारवर्ड की थी.

कुछ टीवी चैनलों ने दोनों मंत्रियों को विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़े जाने के बाद उसके क्लिप का भी प्रसारण किया. इसके बाद राजनीतिक गलियारे में हंगामा मच गया. कांग्रेस की मांग थी कि दोनों मंत्रियों को इस मामले के लिये बर्खास्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जाये.

तीनों मंत्री सफाई देते रहे कि वे मंगलोर में रेव पार्टी की एक क्लिप देख रहे थे और लगाया गया आरोप पूरी तरह से झूठा है. लेकिन लगातार विरोध के बाद शर्मिंदगी झेल रही भारतीय जनता पार्टी ने तीनों मंत्रियों को मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा और पार्टी के दबाव में तीनों मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद इन तीनों के विधानसभा में प्रवेश पर भी रोक लगा दिया गया.


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