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एसआईटी रिपोर्ट जाकिया जाफरी को नहीं

एसआईटी रिपोर्ट जाकिया जाफरी को नहीं

अहमदाबाद. 15 फरवरी 2012

जाकिया जाफरी


अहमदाबाद की एक अदालत ने गुजरात दंगों से संबंधित एसआईटी की रिपोर्ट जाकिया जाफरी को देने से इंकार किया है. अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को भी इसकी कॉपी देने की मांग स्वीकार नहीं की. अदालत का कहना था कि अभी रिपोर्ट पूरी तरह से पेश नहीं हुई है, इसलिए इसे जकिया जाफरी को नहीं दिया जा सकता.

ज्ञात रहे कि 2002 के गुजरात दंगों में गुलबर्ग सोसायटी जनसंहार में जाफरी सहित 37 लोग मारे गए थे. उग्र भीड़ ने अहमदाबाद के करीब स्थित गुलबर्ग सोसायटी के मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया था और उन्हें आग के हवाले कर दिया था. पूर्व सांसद एहसान जाफरी की मौत के बाद उनकी पत्नी जाकिया जाफरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसके बाद कोर्ट ने मामले में राजू रामचंद्रन को एमिकस क्यूरी यानी न्याय मित्र नियुक्त किया था.

इससे पहले सितंबर में सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत को 2002 के गुजरात दंगों के दौरान हुए गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में जाकिया की याचिका पर सुनवाई करने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह मजिस्ट्रेट पर निर्भर करता है कि वह दंगे मामले में मोदी और 63 अन्य के खिलाफ अदालती कार्यवाही आगे बढ़ाते हैं या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह अब इस मामले की जांच पर आगे से निगरानी नहीं रखेगी.

इसके बाद हाल ही में एसआईटी ने गुजरात दंगों पर अपनी रिपोर्ट पेश की थी. जिसकी कॉपी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और कुछ और लोगों ने अदालत से मांगी थी. लेकिन एसआईटी ने इसका विरोध किया था. बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुये अदालत ने एसआईटी रिपोर्ट जाकिया जाफरी या तीस्ता सितलवाड़ को देने से मना कर दिया. अदालत का कहना था कि अभी रिपोर्ट पूरी तरह से पेश नहीं हुई है, इसलिए इसे जकिया जाफरी को नहीं दिया जा सकता.

इधर एक अन्य मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने मोदी सरकार को अदालत की अवमानना से संबंधित एक नोटिस जारी करते हुये पूछा है कि 2002 हिंसा मामले में मुआवजा देने संबंधी अदालत के निर्देशों की अवहेलना क्यों की गई है ?


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