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पोर्न क्लिप कांड के बाद विधानसभा में चैनलों पर रोक?

पोर्न क्लिप कांड के बाद विधानसभा में चैनलों पर रोक?

चेन्नई. 17 फरवरी 2012

पोर्न क्लिप


कर्नाटक विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पोर्न क्लिप का मामला उजागर होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार विधानसभा में निजी चैनलों पर रोक लगा सकती है. अपने तीन मंत्रियों की हरकतों के कारण शर्मिंदगी झेल रही भाजपा के इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारे में आश्चर्य और आक्रोश भी है. इधर पोर्न क्लिप देखने के मामले में हटाये गये तीनों मंत्रियों ने अपना-अपना जवाब विधानसभा अध्यक्ष को भिजवा दिया है. इस अभूतपूर्व घटनाक्रम में शामिल तीनों पूर्व मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी सी पाटिल और कृष्णा पालेमर को विधानसभा अध्यक्ष के जी बोपैया ने नोटिस दिया था, जिसपर गुरुवार को इनकी ओर से विधानसभा सचिव ओम प्रकाश को अपने-अपने जवाब सौंप दिये गये.

खबर है कि कर्नाटक की भाजपा सरकार जल्दी ही विधानसभा के भीतर प्राइवेट टीवी चैनलों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकती है. अपनी गंदगी छुपाने के लिये भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा लिये जा रहे इस निर्णय को लेकर राज्य भर में लोगों ने विरोध किया है. विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के विधायक-मंत्री ऐसी घटिया हरकतें जारी रखेंगे, इसलिये वे निजी चैनलों पर रोक की बात कर रहे हैं.

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में सदन की कार्रवाई के दौरान राज्य के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवाडी और महिला व बाल कल्याण मंत्री सीसी पाटिल को पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़ा गया था. दोनों मंत्री उस दौरान पोर्न फिल्म देख रहे थे, जब विधानसभा में बीजापुर जिले में पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर हंगामेदार बहस चल रही थी. उन्हें यह फिल्म एक तीसरे मंत्री कृष्णा पालेमर ने अपने मोबाइल से फारवर्ड की थी.

कुछ टीवी चैनलों ने दोनों मंत्रियों को विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़े जाने के बाद उसके क्लिप का भी प्रसारण किया. इसके बाद राजनीतिक गलियारे में हंगामा मच गया. कांग्रेस की मांग थी कि दोनों मंत्रियों को इस मामले के लिये बर्खास्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जाये.

तीनों मंत्री सफाई देते रहे कि वे मंगलोर में रेव पार्टी की एक क्लिप देख रहे थे और लगाया गया आरोप पूरी तरह से झूठा है. लेकिन लगातार विरोध के बाद शर्मिंदगी झेल रही भारतीय जनता पार्टी ने तीनों मंत्रियों को मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा और पार्टी के दबाव में तीनों मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद इन तीनों के विधानसभा में प्रवेश पर भी रोक लगा दिया गया.

इस कांड के बाद सकते में आई भाजपा अब राज्य भर में नैतिक शिक्षा पर सेमिनार और कार्यशाला कर रही है.


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