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पाक में अमरीकी नाक बर्दाश्त नहीं-रब्बानी

पाक में अमरीकी नाक बर्दाश्त नहीं-रब्बानी

इस्लामाबाद. 21 फरवरी 2012

हिना रब्बानी खर


पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने कहा है कि अमरीका को अपना काम देखना चाहिये और उसे पाकिस्तान के आंतरिक मामले में नाक घुसेड़ने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि अमरीका के संसद ने जो बेतूका प्रस्ताव पारित किया है, वह किसी भी हालत में पाकिस्तान स्वीकार नहीं कर सकता.

गौरतलब है कि हाल ही में अमरीकी संसद ने एक प्रस्ताव पारित करते हुये कहा था कि बलूचिस्तान के लोगों को अपने बारे में निर्णय लेने का अधिकार दिया जाना चाहिये. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि बलूचिस्तान के लोग ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में से जिस भी देश के साथ जाना चाहते हैं, उन्हें इसकी इजाजत मिलनी चाहिये. माना जा रहा है कि अमरीका अपने सैन्य अड्डों की स्थापना की नियत से बलूचिस्तान में पाकिस्तान की ताकत कम करना चाहता है. इससे ईरान में भी उसे अपनी गतिविधियों को चलाने में सुविधा होगी. बलूचिस्तान के इलाकों को उकसाने के बाद उसमें शांति बहाली के नाम पर भी अमरीका को वहां पैठ बनाने में सुविधा होगी.

अमरीका के प्रस्ताव को बेतुका बताते हुये पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने कहा कि अमरीका को बलूचिस्तान के बारे में प्रस्ताव पारित करने की जरुरत नहीं है. ऐसे प्रस्ताव किसी भी हालत में हमें मान्य नहीं होंगे.

इस बीच पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद अमरीका के कार्यकारी राजदूत को तलब कर के अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है. पाकिस्तान सरकार ने साफ किया है कि इस तरह के प्रस्ताव वस्तुतः पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप हैं और इसे पाकिस्तान ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. पाकिस्तान के पीएम यूसुफ रजा गिलानी इसे पहले ही पाकिस्तान की संप्रभुता से जुड़ा हुआ मामला बता कर अमरीका की आलोचना कर चुके हैं.


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