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गुटखा में तंबाकू मिलाने पर लगेगी रोक

गुटखा में तंबाकू मिलाने पर लगेगी रोक

नई दिल्ली. 22 फरवरी 2012

गुटखा


अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दिनों में गुटखा में तंबाकू के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जा सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात को सुनिश्चित करने के लिये जल्दी ही राज्यों को निर्देश देने वाला है.

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव केशव देसिराजू के अनुसार गुटखा एक खाद्य उत्पाद है और खाद्य मिलावट रोकथाम कानून के तहत इसमें होने वाली मिलावट को रोका जा सकता है. हाई कोर्ट ने भी इसे खाद्य पदार्थ मानने संबंधी एक फैसला दिया था. ऐसे में गुटखा में तंबाकू की मिलावट गैरकानूनी है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में भारत में गुटखा या तंबाकू उत्पादों के कारण मौत की रफ्तार बढ़ी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर पांच में से दो लोगों की मौत खैनी, तंबाकू या गुटखा के कारण होती है. पूरी दुनिया में 30 साल से अधिक उम्र के 12 प्रतिशत लोग इन उत्पादों के कारण मौत के मुंह में समा रहे हैं. जबकि भारत में यह आंकड़ा 16 प्रतिशत है. तंबाकू और गुटखा का कहर हर 6 सेकेंड में दुनिया में किसी न किसी की जान ले रहा है.

धुंआरहित यानी चिंवंग टोबैको का इधर चलन खूब बढा है. जब से सार्वजनिक जगहो पर सिगरेट पीने पर पाबंदी लगी है तब से तंबाकू सेवन करने वालो ने दूसरा रास्ता अपना लिया है. वे चबाने वाले तंबाकू की शरण में चले गए हैं. गुटखा का पैकेट छोटा होता है जिसे आसानी से छुपाया जा सकता है, इसलिए छोटे बच्चे इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं. ना धुंआ ना पाबंदी. यह सस्ता भी इतना है कि इसे बच्चे अपनी जेबखर्च खरीद सकते हैं. इसकी भयावहता का अंदाजा तब लगता है जब आप कैंसर संस्थानो के रोगियो के आंकड़े देखें.