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भारतीय कॉल सेंटर से अमरीका में करोड़ों की धोखाधड़ी</font></h1>

भारतीय कॉल सेंटर से अमरीका में करोड़ों की धोखाधड़ी

वॉशिंगटन. 23 फरवरी 2012

कॉल सेंटर


अमरीका में भारतीय कॉल सेंटरों के सहारे 50 लाख डालर यानी लगभग 24 करोड़ रुपये की एक बड़ी गड़बड़ी का राज खुला है. फेडरल ट्रेड कमिशन ने इस मामले में वारंग ठाकर नामक एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाघड़ी का मामला दर्ज कर उसकी सारी संपत्ति जब्त करने का निर्देश दिया है.

फेडरल ट्रेड कमिशन का कहना है कि कैलिफोर्निया की यह कंपनी भारत के कॉल सेंटरों से अमरीकी ग्राहकों को कर्ज वसूली के लिये धमकी भरे काल्स करती थी. बैंक खातों या सोशल सिक्युरिटी नंबरों से ग्राहकों के फोन नंबर हासिल करने के बाद ये कॉल सेंटर ग्राहकों को कॉल करते थे. जिन अमरीकी लोगों के पास कॉल्स जाते थे, उनके फोन पर लोकल नंबर ही डिस्प्ले होते थे. कॉल्स करने वाले भारतीयों के बोलने का अंदाज भी अमरीकी ही होता था. इस कारण कभी किसी को शक नहीं हुआ.

कॉल करने वाले ग्राहकों को धमकाते थे कि उन्होंने उनकी कंपनी से कर्ज लिया है और अगर उन्होंने पैसे जमा नहीं किये तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इसके अलावा उनके कार्यालय प्रमुख को जानकारी दे कर उनकी नौकरी छुड़ाई जा सकती है. कॉल करने वाले अपने को स्थानीय अफसर बताते थे. मजबूरी में ग्राहक कंपनी के अकाउंट में बताई गई रकम जमा करते थे.

अनुमान है कि दो साल में दस हजार अमरीकन लोगों को ऐसे 2 करोड़ कॉल किये गये. इस मामले में चार हज़ार से ज्यादा लोगों ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई. बाद में फेडरल ट्रेड कमिशन की जांच में पता चला कि ईबीजी एलएलसी नामक कंपनी यह पूरा फर्जीवाड़ा कर रही है. इसके बाद फेडरल ट्रेड कमिशन ने इस कंपनी और कंपनी के मालिक वारंग ठाकर के खिलाफ मामला दर्ज किया. अब वारंग ठाकर की सारी संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिये गये हैं.


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