पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

चिदंबरम के खिलाफ स्वामी की सुप्रीम कोर्ट में अपील

चिदंबरम के खिलाफ स्वामी की सुप्रीम कोर्ट में अपील

नई दिल्ली. 24 फरवरी 2012

सुब्रमण्यम स्वामी


जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने 2जी मामले में गृह मंत्री पी. चिदंबरम को शामिल करने के लिये उच्चतम न्यायालय में गुहार लगाई है. सुब्रमण्यम स्वामी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करते हुये कहा है कि पी चिदंबरम के खिलाफ 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं.

गौरतलब है कि पी चिदंबरम को टेलीकॉम घोटाले में सहआरोपी बनाने की सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई के स्पेशल जज ओ पी सैनी ने 4 फरवरी को खारिज कर दी थी. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सह आरोपी बनाने के लिये अदालत में अर्जी लगाई थी. स्वामी का कहना था कि राजा ने जो कुछ किया, उसमें पी चिदंबरम की पूरी सहमति थी. टेलीकॉम घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत के जज ओ.पी. सैनी ने पी चिदंबरम को सह आरोपी बनाये जाने की याचिका को स्वीकार कर लिया था और अदालत ने सबसे पहले उनकी ही गवाही करवाई थी.

जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि टेलीकॉम घोटाले में पी चिदंबरम के खिलाफ सारे सबूत हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में भी सहमति जताई थी. जाहिर है, पी चिदंबरम पर आरोप का अर्थ ये भी था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जानकारी में भी सारा घोटाला था. ऐसे में सुब्रह्मण्यम स्वामी के आरोप पूरी यूपीए सरकार को भी घेरे में खड़ी करने वाली थी.

2जी स्पेक्ट्रम मामले में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने हलफनामा दिया था कि 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में ए राजा ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सहमति से ही सभी घोटालों को अंजाम दिया. स्वामी के अनुसार इसके लिये ए राजा और पी चिदंबरम के बीच कई दौर की बैठकें भी हुईं और इन्हीं बैठकों में स्पेक्ट्रम की कीमतें भी तय की गईं.

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस पूरे मामले में राजा और चिदंबरम के बीच की बातचीत का ब्यौरा सौंपते हुये आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम ने ही बतौर वित्तमंत्री 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिये पहले आओ, पहले पाओ की नीति को मंजूरी दी थी. यहां तक कि ए राजा ने जब 2001 की निर्धारित दर पर 2जी स्पेक्ट्रम को मंजूरी देने की बात की तो वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विरोध किया और फिर जब राजा ने 2007 की दर पेश की तो उसे चिदंबरम ने तत्काल अपनी सहमति दे दी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in