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मोदी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

मोदी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

नई दिल्ली. 24 फरवरी 2012

नरेंद्र मोदी


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विश्वसनीयता इतनी संदिग्ध हो गई है कि अब सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ों की जांच के लिये बनाई गई कमेटी पर निगरानी रखने वाले अध्यक्ष की नियुक्ति रद्द कर दी है. यह नियुक्ति गुजरात सरकार ने की थी.

गौरतलब है कि पत्रकार वीजी वर्गीज और गीतकार जावेद अख्तर द्वारा दायर दो याचिका पर सुनवाई करते हुये उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि गुजरात में 2003 से 2006 के बीच हुये सभी मामलों की जांच कराई जाये. यह जांच पूर्व न्यायाधीश एम बी शाह की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किये जाने का निर्देश दिया गया था. हालांकि शाह ने इससे इंकार कर दिया था.

गुजरात में ऐसे कम से कम 22 से अधिक मामले हैं, जहां पुलिस की मुठभेड़ पर सवाल खड़े हुये हैं. पत्रकार वीजी वर्गीज और जावेद अख्तर ने अलग-अलग याचिकाएं दायर करके कहा था कि राज्य में खास तौर पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया है. सोहराबुद्दीन हत्याकांड के बाद गुजरात में असली और नकली मुठभेड़ का मामला बहुत साफ हो गया था और आरोप लगा था कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राज्य में फर्जी मुठभेड़ किये गये. इसी तरह इशरत जहां को नरेंद्र मोदी की सरकार ने पहले फर्जी मुठभेड़ में मार डाला और बाद में कहा गया कि वह खूंखार आतंकवादी थी.

फर्जी मुठभेड़ की जांच की निगरानी के लिये गुजरात सरकार ने के.आर. व्यास को अध्यक्ष नियुक्त किया था, उसे उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को रद्द कर दिया. के आर व्यास पूर्व न्यायाधीश हैं. अब माना जा रहा है कि उच्चतम न्यायालय अध्यक्ष पद के लिये किसी और का नाम सुझा सकती है.


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