पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >अमरीका Print | Share This  

कुडनकुलम में विरोध के पीछे अमरीका-मनमोहन

कुडनकुलम में विरोध के पीछे अमरीका-मनमोहन

नई दिल्ली. 25 फरवरी 2012

मनमोहन सिंह


अपनी अमरीका परस्ती के लिये चर्चित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा कुडनकुलम परमाणु प्लांट के विरोध के पीछे अमरीकन हाथ संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया आई है. पीपुल्स मूवमेंट अगेंस्ट न्यूक्लियर एनर्जी ने मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लेते हुये कहा है कि मनमोहन सिंह को अपनी बातों पर यकीन है तो उन्हें इसके लिये सबूत भी पेश करने चाहिये.

गौरतलब है कि मनमोहन सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा था कि अमेरीका के कुछ एनजीओ नहीं चाहते कि भारत अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाए. इसलिए वह कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का विरोध कर रहे संगठनों का समर्थन कर रहे हैं. उसके बाद उनके मंत्री वी नारायणसामी ने भी सिंह के बयान का समर्थन करते हुये नहले पर दहला जड़ दिया कि ऐसे तीन एनजीओ के नाम सामने आए हैं, जो विदेशी पैसे से कुडनकुलम संयंत्र का विरोध कर रहे हैं.

हालांकि राजनीतिक गलियारे में लोग मनमोहन सिंह के अमरीका विरोध को लेकर चकित हैं क्योंकि मनमोहन सिंह को अमरीका का अंधभक्त माना जाता है. वामपंथी पार्टियां तो उनके वित्त मंत्री रहते इस बात का आरोप लगाती रही हैं कि मनमोहन सिंह अमरीका के कहे अनुसार भारत का बजट बनाते रहे हैं. ऐसे में रुस के सहयोग से लग रहे कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के लिये अमरीकी पूंजी का विरोध कर किसे खुश कर रहे हैं, इसे समझ पाना मुश्किल हो रहा है.

इधर कुडनकुलम में एनपीसीआईएल रूसी तकनीक की मदद से हजार-हजार मेगावाट वाले दो परमाणु रिएक्टरों को लेकर भाजपा ने मांग की है कि इससे संबंधित दस्तावेज सरकार सार्वजनिक करे. भाजपा नेता अरूण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस बयान के मद्देनज़र सरकार को चाहिए कि वह इस संदर्भ में सभी तथ्यों को सार्वजनिक करे. यह बहुत गंभीर बात है और सरकार केवल बयानबाजी करके अपने को बचाने की कोशिश न करे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in