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बिहार में प्रेस आजाद नहीं-काटजू

बिहार में प्रेस आजाद नहीं-काटजू

पटना. 25 फरवरी 2012

जस्टिस मार्कंडेय काटजू


भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि बिहार में प्रेस आज़ाद नहीं है. हमें ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी और मामला सही पाया गया तो संविधान के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

जस्टिस मार्कंडेय काटजू पटना विश्वविद्यालय के एक समारोह में एक विशेष व्याख्यान में पटना आये हुये थे. उनके व्याख्यान के दौरान जम कर हंगामा हुआ. सत्ताधारी दल के एक विधायक पति ने भाषण के दौरान उठकर जस्टिस काटजू को बोलने से रोकने की कोशिश की, जिसका उपस्थित लोगों ने विरोध किया. जस्टिस काटजू के भाषण के दौरान बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर भी मंच पर उपस्थित थे.

जस्टिस काटजू ने अपने व्याख्यान में कहा कि मैंने सुना है कि लालू राज की तुलना में इस सरकार ने कानून व्यवस्था को सुधारा है. पर दूसरी बात मैंने ये भी सुनी है कि लालू के राज में फ्रीडम ऑफ प्रेस होती थी, लेकिन अब यहां फ्रीडम ऑफ प्रेस नहीं है.

बिहार सरकार द्वारा प्रेस को प्रताड़ित किये जाने की घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि परोक्ष रूप में ये हो रहा है कि अगर किसी पत्रकार ने सरकार के मंत्री या अधिकारी के खिलाफ कुछ लिख-बोल दिया तो फिर आपकी नौकरी गई या अखबार मालिक आपका पटना से बाहर कहीं तबादला कर देगा.

सत्ताधारी दल के विधायक पति के शोर-शराबे से नाराज काटजू ने मंच से ही विधायक पति को चेतावनी देते हुये कहा कि ये क्या तरीका है, किसी को शोर मचाकर हड़काना. आप मुझे हड़का नहीं सकते हैं. गलत आदमी से आपने पंगा ले लिया है۔ ये तो आप सिद्ध कर रहे हैं कि मैं जो कह रहा हूं, बिल्कुल सही है.

जस्टिस काटजू ने कहा कि सरकार के पास कई तरीके हो सकते हैं दबाव के जैसे सरकारी विज्ञापन बंद कर दो और अखबार मालिक पर दबाव डालो कि सरकार के खिलाफ लिखने वाले पत्रकार को निकाल दिया जाए.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

awdhesh kumar [awadhesh_1954@yahoo.com] muzaffarpur - 2012-02-25 15:00:27

 
  काटजू साहब की बात सही है. बिहार के अखबारों में सरकार के खिलाफ खबरें नहीं होतीं. इनमें मुख्यमंत्री के विकास का हल्ला अधिक होतै है. काटजू साहब, आप ज़रुर जांच कराएं. 
   
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