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केजरीवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

केजरीवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

नई दिल्ली. 26 फरवरी 2012

अरविंद केजरीवाल


राष्ट्रीय जनता दल ने टीम अन्ना की कोर कमेटी के सदस्य अरविंद केजरीवाल के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की घोषणा की है. राजद नेता रामकृपाल यादव ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल पागल हो गये हैं और उन्हें पागलखाना भेज देना चाहिये. भाजपा समेत दूसरे दलों ने भी अरविंद केजरीवाल की आलोचना की है.

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने गाजियाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुये सांसदों की आलोचना की थी. केजरीवाल ने आंकड़ों के साथ आरोप लगाया था कि संसद में 163 सदस्यों के खिलाफ घृणित अपराध के मामले हैं. इस संसद में बलात्कारी बैठे हैं, हत्यारे और लुटेरे बैठे हैं. आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि संसद में जनलोकपाल विधेयक पास होगा? आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि आपको गरीबी और भ्रष्टाचार से निजात मिलेगा.

अरविंद केजरीवाल के इस बयान की राजनीतिक दलों ने कड़ी आलोचना की है. राजद नेता रामकृपाल यादव ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की यह उत्तेजक टिप्पणी संसद का अपमान है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल के इस बयान से जाहिर होता है कि लोकतंत्र में उनकी आस्था नहीं है. रामकृपाल यादव ने कहा कि राजद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लायेगी.
रामकृपाल यादव ने कहा कि केजरीवाल ने केवल सांसदों का नहीं, मतदाताओं को भी अपमान किया है. यादव ने मांग की कि केजरीवाल को तत्काल प्रभाव से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिये.

इधर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा कि केजरीवाल का यह व्यवहार अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि खुद को ईमानदार दर्शाने की कोशिश में कुछ लोग ऐसा माहौल बनाते हैं कि पूरी दुनिया बेईमान है. ऐसे बयान दर्शाते हैं कि इन लोगों का भारतीय लोकतंत्र, भारतीय संविधान और संसद में विश्वास नहीं है. नकवी ने कहा कि संसद में कुछ लोग ऐसे रिकार्ड वाले हो सकते हैं लेकिन उन लोगों के लिये आप संसदीय प्रणाली को खत्म नहीं कर सकते या हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म नहीं कर सकते.

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि मीडिया को ऐसी टिप्पणियों को महत्व नहीं देना चाहिये. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह का बयान दिया है, उससे लोकतंत्र कमजोर होता है.