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पाकिस्तान को पहला ऑस्कर अवार्ड

पाकिस्तान को पहला ऑस्कर अवार्ड

इस्लामाबाद. 28 फरवरी 2012

शरमीन ओबेद चिनॉय


ऑस्कर जीतने वाली पहली पाकिस्तान नागरिक शरमीन ओबेद चिनॉय ने कहा है कि उनकी फिल्म सेविंग फेस ने पाकिस्तान का मान बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने इस बात को भी स्थापित किया है कि महिलाएं अगर चाहें तो वे मुल्क की तस्वीर बदल सकती हैं.

गौरतलब है कि डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म 'सेविंग फेस' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिये आस्कर पुरस्कार मिला है. तेजाब के हमलों के शिकार लोगों की जीवनी पर बनी इस फिल्म में दिखाया गया है कि ब्रिटेन से लौटे डाक्टर डॉ मोहम्मद जावाद किस तरह तेजाब के कारण अपनी सूरत खो चुकी स्त्रियों की मदद करते हैं. तेजाब के हमलों की शिकार औरतें किस तरह अदालत में अपनी लड़ाई लड़ रही हैं, इस डाक्यूमेंट्री में उसे भी दिखाया गया है. 'सेविंग फेस' नामक इस पाकिस्तानी फिल्म का निर्देशन शरमीन ओबेद चिनॉय और डेनियन जज ने किया है.

आस्कर मिलने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने उन्हें बधाई दी और पाकिस्तान की ओर से भी उन्हें एक राष्ट्रीय सम्मान देने की घोषणा की. देश के कई दूसरे सम्मानित लोगों ने भी शरमीन को बधाई दी है.

न्यूयार्क टाइम्स में पत्रकारिता से अपना करियर चुनने वाली शरमीन ने इससे पहले अफगान के रिफ्यूजी बच्चों पर फिल्म बनाई थी, जिसके लिये उन्हें लिंगिस्टन अवार्ड दिया गया. इससे पहले किसी गैर अमरीकी को यह अवार्ड नहीं मिला था. इसके बाद तो फिल्म बनाने का एक सिलसिला ही चल पड़ा.

शरमीन मानती हैं कि एक औरत होने के कारण वे महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों को लेकर बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं. किसी पुरुष के लिये यह काम मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तानी समाज में बदलाव लाना चाहती हूं.


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