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भंवरी कांड में धमकाने वालों पर हो कार्रवाई

भंवरी कांड में धमकाने वालों पर हो कार्रवाई

जोधपुर. 28 फरवरी 2012

भंवरी देवी


लोक गायिका और नर्स भंवरी देवी की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुये राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कहा है कि वह जांचकर्ताओं और गवाहों को धमकाने वालों पर कार्रवाई करे. उच्च न्यायालय ने इसके लिये तीन मार्च तक का समय दिया है.

गौरतलब है कि भंवरी देवी हत्याकांड में मंगलवार को न्यायधीश गोविंद माथुर और कैलाश चन्द्र जोशी की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सनसनी फैल गई थी, जब सीबीआई के वकील ने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष के लोग सीबीआई को धमका रहे हैं. वकील ने कहा कि हालत ये है कि सीबीआई ने जिन गवाहों से शुरुवाती दौर में पूछताछ की थी, उन्होंने अब सीबीआई के पास आने से इंकार कर दिया है. इसके बाद अदालत ने सीबीआई के वकील को सब कुछ लिखित में देने का निर्देश दिया था. सोमवार को इसी मुद्दे पर अदालत सुनवाई कर रही थी.

गौरतलब है कि राजस्थान की राजनीति में भूचाल ला देने वाली भंवरी देवी पिछले साल एक सितंबर से लापता हो गई थी. बाद में उसकी हत्या की बात सामने आई. माना जा रहा था कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण कर हत्या की गई. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.

भंवरी देवी की हत्या के मामले में इस मामले में पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा, पूर्व विधायक मलखानसिंह, मलखान सिंह का भाई परसराम, पूर्व उप जिला प्रमुख सहीराम विश्नोई, भंवरी का पति अमरचंद नट, गैंगस्टर विशनाराम विश्नोई, उसका भाई ओमप्रकाश ओमप्रकाश, कैलाश जाखड़, अशोक विश्नोई, विधायक के भतीजे पुखराज व दिनेश तथा इंद्रा के सहयोगी शिक्षक रेशमाराम विश्नोई समेत कई लोग जेल की हवा खा रहे हैं.