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राष्ट्रपति के बेटे की उलझन बढ़ी

राष्ट्रपति के बेटे की उलझन बढ़ी

अमरावती. 29 फरवरी 2012

रावसाहेब शेखावत


राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल के बेटे और कांग्रेस विधायक रावसाहेब शेखावत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मनपा चुनाव से पहले उनके पास से बरामद एक करोड़ रुपये का मामला उलझता ही जा रहा है. अब इस मामले में शामिल राज्यमंत्री राजेंद्र मुलक ने अपना पल्ला झाड़ते हुये बयान दिया है कि पैसा उनके घर से नहीं, कांग्रेस कार्यालय से भेजा गया था.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मनपा के चुनाव के समय अमरावती पुलिस ने एक कार से एक करोड़ रुपये जब्त किये थे. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था. विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ये पैसे लोगों को बांटने के लिये लाये गये थे.

इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुये राज्य की निर्वाचन आयुक्त नीला सत्यनारायण ने भी जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी. एक करोड़ रुपये की नगदी बरामद किये जाने को लेकर राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल के बेटे रावसाहेब शेखावत ने सफाई दी थी कि ये पार्टी फंड का पैसा है और अमरावती जिले में चुनाव लड़ रहे 87 उम्मीदवारों को एक-एक लाख रुपये दिये जाने थे. इसके बाद की बची हुयी 13 लाख रुपये की रकम जिला कांग्रेस के फंड में रखा जाना था.

इस मामले में जिलाधिकारी ने प्रतिभा पाटिल के बेटे रावसाहेब शेखावत समेत महाराष्ट्र के वित्त राज्यमंत्री राजेंद्र मुलिक, महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव गणेश पाटिल, अमरावती कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वसंतराव सौरकर और मुलिक से सचिव आशिष बोधनकर को नोटिस जारी करते हुये अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था.

इस नोटिस का जवाब देते हुये राज्यमंत्री राजेंद्र मुलक ने कहा है कि जब्त किये गये एक करोड़ रुपये के बारे में उन्हें कुछ भी नहीं पता और ये रकम उनके घर से नहीं, बल्की कांग्रेस कार्यालय से भेजे गये थे. उन्होंने इस मामले में शामिल अखिलेश बोधनकर को भी पहचानने से इंकार किया है. बोधनकर और प्रकाश मेश्राम से ही पुलिस ने रकम बरामद की थी.


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