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जगजीत सिंह की अंतिम रिकार्डिंग परदे पर

जगजीत सिंह की अंतिम रिकार्डिंग परदे पर

नई दिल्ली. 29 फरवरी 2012

जगजीत सिंह


गजल गायक जगजीत सिंह की आखिरी रिकार्डिंग जल्दी ही सामने आ सकती है. बंदूक फिल्म के लिये जगजीत सिंह ने अपनी अंतिम रिकार्डिंग की थी. उत्तर प्रदेश में अपराध और राजनीति के मुद्दे पर बनाई इस फिल्म के निर्देशक आदित्य ओम हैं.

जगजीत सिंह की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के अवसर पर दक्षिण के अभिनेता और निदेशक आदित्य ओम ने कहा कि शिवसागर लिखित गाने के बोल हैं- मृगतृष्णा मरुस्थल की, चलती रेत रूप धर जल की, जीवन-मरण के बीच में सांसें, कभी हैं गिरती कभी संभलती. फिल्म के इस थीम सांग को सुनने के बाद जगजीत सिंह ने तुरंत हां कह दिया. बाद में 5 घंटों में इस गीत की रिकार्डिंग की गई और जगजीत सिंह ने इस गीत के मुखड़े को कम से कम 20 अलग-अलग तरीके से गाया.

जगजीत सिंह चाहते थे कि बंदूक फिल्म के इस गाने की रिकार्डिंग की क्लिप दिखा दी जाये, लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया. आदित्य ओम ने अफसोस जताते हुये कहा कि जगजीत सिंह का यह गीत उनके प्रति श्रद्धासुमन की तरह है. आदित्य ओम का कहना है कि इस वीडियो के क्लिप जल्दी ही सार्वजनिक किये जाएंगे. आदित्य ओम की बॉलीवुड में यह पहली फिल्म है.


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