पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >कला >दिल्ली Print | Share This  

जगजीत सिंह की अंतिम रिकार्डिंग परदे पर

जगजीत सिंह की अंतिम रिकार्डिंग परदे पर

नई दिल्ली. 29 फरवरी 2012

जगजीत सिंह


गजल गायक जगजीत सिंह की आखिरी रिकार्डिंग जल्दी ही सामने आ सकती है. बंदूक फिल्म के लिये जगजीत सिंह ने अपनी अंतिम रिकार्डिंग की थी. उत्तर प्रदेश में अपराध और राजनीति के मुद्दे पर बनाई इस फिल्म के निर्देशक आदित्य ओम हैं.

जगजीत सिंह की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के अवसर पर दक्षिण के अभिनेता और निदेशक आदित्य ओम ने कहा कि शिवसागर लिखित गाने के बोल हैं- मृगतृष्णा मरुस्थल की, चलती रेत रूप धर जल की, जीवन-मरण के बीच में सांसें, कभी हैं गिरती कभी संभलती. फिल्म के इस थीम सांग को सुनने के बाद जगजीत सिंह ने तुरंत हां कह दिया. बाद में 5 घंटों में इस गीत की रिकार्डिंग की गई और जगजीत सिंह ने इस गीत के मुखड़े को कम से कम 20 अलग-अलग तरीके से गाया.

जगजीत सिंह चाहते थे कि बंदूक फिल्म के इस गाने की रिकार्डिंग की क्लिप दिखा दी जाये, लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया. आदित्य ओम ने अफसोस जताते हुये कहा कि जगजीत सिंह का यह गीत उनके प्रति श्रद्धासुमन की तरह है. आदित्य ओम का कहना है कि इस वीडियो के क्लिप जल्दी ही सार्वजनिक किये जाएंगे. आदित्य ओम की बॉलीवुड में यह पहली फिल्म है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in