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भारतीय अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई

भारतीय अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई

नई दिल्ली. 29 फरवरी 2012

भारतीय अर्थव्यवस्था


पिछले तीन सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. 2011-12 की तीसरी तिमाही की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसके अनुसार सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह दर 8.3 प्रतिशत थी.

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री श्रीकांत कुमार जेना ने वर्ष 2011-12 की तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद और राष्ट्रीय आय के अनुमान जारी किए हैं. इसके अनुसार कृषि, वन विकास और मत्स्य पालन के क्षेत्र में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 11 प्रतिशत थी. उद्योग क्षेत्र में यह दर 2.6 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

खनन और खदान के क्षेत्र में यह दर उपरोक्त तिमाही में कम होकर -3.1 प्रतिशत हो गई है, जबकि विनिर्माण के क्षेत्र में इसके 0.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है. बिजली क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर का अनुमान 9 प्रतिशत लगाया गया है.

निर्माण उद्योग के क्षेत्र में उपरोक्त तिमाही में विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 8.7 प्रतिशत थी. निर्माण क्षेत्र के प्रमुख उत्पाद–सीमेंट के उत्पादन की विकास दर 9.4 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि परिष्कृत इस्पात की खपत में वृद्धि 10 प्रतिशत रही.

व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और संचार क्षेत्र में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर का 9.2 प्रतिशत तथा फाईनेंसिंग, रियल इस्टेट और कारोबार सेवाओं के क्षेत्रों में विकास दर 9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. सामुदायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत सेवाओं में 7.9 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है.

बाजार मूल्यों के आधार पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 14.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष में 18.8 प्रतिशत थी. गैर-सरकारी अंतिम उपभोक्ता व्यय में वृद्धि की दर 15.1 प्रतिशत रहने का अंदाजा है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 15.7 प्रतिशत थी.

सकल अचल पूंजी निर्माण, अर्थव्यवस्था में निवेश का महत्वपूर्ण सूचक होता है. इसमें चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह वृद्धि 17.4 प्रतिशत थी.


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