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फरदीन खान को हो सकती थी फांसी

फरदीन खान को हो सकती थी फांसी

मुंबई. 1 मार्च 2012

फरदीन खान


कोकीन खरीदने के मामले में फिल्म अभिनेता फरदीन खान को अदालत से जो राहत मिली है, उसका अगर उन्होंने उल्लंघन किया तो फिर से वे फंदे में फंस सकते हैं. फरदीन के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिकसबस्टांसेज एक्ट की धारा 21 ए के तहत आरोप तय किया गया था. इस कानून में अधिकतम 6 महीने की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना है. हालांकि फरदीन के साथ गिरफ्तार किये गये नासिर करीम शेख और टोनी हेक्टर गोम्स के खिलाफ धारा 21 बी के तहत सुनवाई हुई, जिसमें एक से दस साल की सजा हो सकती है.

कानून के जानकारों का कहना है कि अगर फरदीन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दूसरे प्रावधानों के तहत आरोप तय हो जाते और जज उनसे सहमत हो जाता तो फरदीन खान को उम्र कैद और यहां तक कि फांसी की भी सजा हो सकती थी.

बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुये मुंबई सेशन कोर्ट के जज जी ए सानप ने कहा कि फरदीन के खिलाफ कोकीन रखने के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है. फरदीन ने इससे पहले एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 64 ए के तहत एक आवेदन किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था. अब बुधवार को अदालत ने उन्हें कोकिन रखने के आरोप से मुक्त कर दिया. अदालत के इस फैसले को लेकर फरदीन खान ने खुशी जाहिर की है.

मई 2001 से इस मामले में अधर में झूल रहे फरदीन के खिलाफ पिछले साल अक्टूबर में आरोप तय हुये थे. हालांकि फरदीन के खिलाफ एक ग्राम से कम मात्रा में कोकिन बरामद किये जाने का मामला सामने आया था, ऐसे में माना जा रहा था कि फरदीन खान को मामुली सजा सुनाई जा सकती है. लेकिन जज जी ए सानप ने फरदीन द्वारा विभिन्न शर्तों को पूरा किये जाने के वचन के बाद दोषमुक्त कर दिया.

गौरतलब है कि एनडीपीएस एक्ट को संशोधित कर काफी सख्त बनाया गया है, इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास एवं मृत्यु दण्ड तक की सजा एवं 2 लाख रूपये तक के अर्थदण्ड का प्रावधान है. ऐसे में फरदीन का बच जाना एक उपलब्धि की तरह है.


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