पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

रामदेव बेचेंगे 2000 करोड़ का आटा-दाल

रामदेव बेचेंगे 2000 करोड़ का आटा-दाल

नई दिल्ली. 1 मार्च 2012

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव योग के अलावा गुरुवार से आटा, दाल, चावल, नमक, जैम, जेली, च्यवनप्राश, फिनायल, तेल, साबुन, महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन भी बेचेंगे. बाबाजी के अधिकांश उत्पाद पहले भी पतंजलि आयुर्वेद केंद्रों पर उपलब्ध थे. अब बाबाजी इन्हें किराना दुकानों पर उतारने वाले हैं. हर साल अरबों रुपये के योग का व्यवसाय करने वाले बाबा रामदेव के खुले बाज़ार में उतरने के बाद माना जा रहा है कि कई छोटे-मोटे ब्रांड बाबा रामदेव के उत्पादों की आंधी में उड़ जाएंगे.

बाबा रामदेव ने इस बारे में पत्रकारों से बातचीत में माना कि उन्होंने पहले साल 2000 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय कर रखा है. हालांकि उन्होंने इसे व्यापार मानने से इंकार करते हुये कहा कि वे बहुराष्ट्रीय कंपनियों से लड़ने के लिये बाज़ार में उतर रहे हैं. बाबा रामदेव ने कहा कि आज की तारीख में पूरी अर्थव्यवस्था मुनाफाखोरी पर टिकी हुई है. ऐसे में इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के जाल से आम आदमी को निकालना जरुरी है.

बाबा रामदेव ने कहा है कि वे शुरुवाती दौर में महानगरों और कुछ बड़े शहरों में अपना उत्पाद उतारेंगे. इसके बाद अप्रैल से पूरे देश में ये उत्पाद बाजारों में उतारे जाएंगे.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

pramodkumar [] muzffrpur - 2012-03-01 06:27:37

 
  बाबा यादवों के कल्याणार्थ कुछ करें. घी-दूध से बने उत्पाद भी बेचें. सब लोग अपनी जाति के लिये कुछ न कुछ करते हैं. वैसे भी बाबा के सामानों का बाजा़र में कोई क्रेज नहीं है. पहले बाबा ने योग बेचा अब आटा बेचेंगे. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in