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मुलायम की साइकिल निकली सबसे आगे

मुलायम की साइकिल निकली सबसे आगे

लखनऊ. 7 मार्च 2012

मुलायम सिंह यादव


विधानसभा चुनाव में उत्तर-प्रदेश के नतीजों ने राजनीतिक दलों के सारे अनुमान ध्वस्त कर दिये. किसी को उम्मीद नहीं थी कि समाजवादी पार्टी इतनी सीटें लेकर आएगी. मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की साइकिल के सामने मायावती का हाथी इस कदर घुटने टेक कर बैठ जाएगा, ऐसा तो मुलायम सिंह ने भी नहीं सोचा था.

सबसे बुरा हाल कांग्रेस का रहा, जिनके युवराज राहुल गांधी के गढ़ में ही कांग्रेस के उम्मीदवार मुंह के बल गिर गये.रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा है. इसी तरह भाजपा अपने गढ़ अयोध्या में ही सपा के युवा नेता के हाथों धुल चाटती नजर आई.

224 सीटों के साथ समाजवादी पार्टी ने साफ-साफ तौर पर बहुमत हासिल किया, जबकि सरकार में रही मायावती की बसपा को केवल 80 सीटें मिलीं. 47 सीटें भाजपा को मिली हैं तो कांग्रेस-रालोद को 27 सीटों से संतोष करना पड़ा है. 1 सीट पर एनसीपी ने अपना खाता खोला है तो 14 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने हथियाये हैं. अमर सिंह के राष्ट्रीय लोकमंच का एक भी उम्मीदवार विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएगा.

2007 और 2012 की तुलनात्मक स्थिति

दल 2012 2007 %2012 % 2007
सपा 224 97 55.3% 25.45%
बसपा 80 206 19.9% 30.46%
भाजपा 50 51 12.2% 16.93%
कांग्रेस 28 22 6.5% 8.56%
रालोद 09 10 2.5% 3.71%
अन्य 14 17    

सपा की आंधी में आजमगढ़ की दीदारगंज से विधानसभा अध्यक्ष व बहुजन समाज पार्टी नेता सुखदेव राजभर, अमेठी से कांग्रेस की अमिता सिंह, इलाहाबाद दक्षिण से भाजपा नेता केसरी नाथ त्रिपाठी, सहसवान से राष्ट्रीय परिवर्तन दल प्रमुख डी.पी.यादव और इलाहाबाद पश्चिम से बाहुबली अतीक अहमद, शिवपाल यादव जसवंतनगर से, आजम खान रामपुर शहर से, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ के कुंडा से, रालोद के जयंत चौधरी मांट से, पीस पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद अयूब संत कबीर नगर के खलीलाबाद से, पथरदेवा से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, सिसवां से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, अयोध्या से दिग्गज लल्लू सिंह टिक नहीं पाये. वहीं चरखारी से उमा भारती, लखनऊ पूर्व से कलराज मिश्र, कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह डिबाई से, बसपा के राज्य अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पडरौना से, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी रामपुर खास से, रीता बहुगुणा जोशी लखनऊ कैंट से और कांग्रेस के ही राज्य प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह रुद्रपुर से जीत हासिल की है.

हालांकि उत्तर प्रदेश में पहले से ही समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह यादव को बतौर मुख्यमंत्री घोषित किया गया था, लेकिन हवा का रुख देखते हुये अब जोड़-तोड़ कुछ और ही चल रही है. हार-जीत की इन खबरों के बीच पार्टी में एक धड़ा इस बात की संभावनाएं तलाश रहा है कि क्या पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. राजनीतिक खिलाड़ियों का मानना है कि ऐसा करने से मुलायम सिंह यादव केंद्र में अपना कद फिर से बढ़ा सकते हैं.


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