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मुंबई हमलावरों की जडें विदेश में

मुंबई. 27 नवंबर 2008


भारत के
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुंबई में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा है कि ये हमले बड़े प्लान्ड और सोचे-समझे तरीकों से किए गए हैं. इन हमलों का संबंध हमारे देश के बाहर से है और इनका मकसद महत्वपूर्ण ठिकानों को चुनकर भारत आए विदेशी नागरिकों को मारकर भय और आतंक पैदा करना है.

राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पुलिस सुधार पर तत्काल और गंभीरतापूर्वक ध्यान देंगे ताकि कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारी एक होकर तथा कारगर ढंग से काम कर सकें और देश की एकता पर इस तरह के गंभीर खतरों से निपटा जा सके.

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम अपने पड़ोसियों के साथ इस बात को कड़ाई से उठाएंगे कि हमारे ऊपर हमला करने के लिए उनकी जमीन का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर वे इस बारे में ज़रूरी कदम नहीं उठाएंगे तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.

उन्होंने कहा कि देश के भीतर के आतंकवादी हों या बाहर के, हम ऐसे हालात पैदा नहीं होने देंगे जिसमें आतंकवादी हमारे नागरिकों पर कहर बरपाएं. यह जाहिर है कि जिस संगठन ने ये हमले किए हैं उसकी जड़ें देश के बाहर हैं और इन हमलों का सिर्फ एक ही मकसद था- देश की व्यापारिक राजधानी में दहशत फैलाना.

नए सुरक्षा कानून बनाए जाने की जरुरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसी आतंकी घटनाओं को दोबारा न होने देने के लिए हर संभव कड़े कदम उठाएंगे और हर जरूरी सुरक्षा अधिनियम जैसे उपाय अमल में लाए जाएंगे. मौजूदा कानूनों को सख्त बनाया जाएगा ताकि ऐसी कोई खामियां न रह जाएं जिनकी वजह से आतंकवादी कानून के हाथों से बच निकलने में कामयाब हो सकें.

प्रधानमंत्री ने तत्काल एक केन्द्रीय जाँच एजेंसी बनाए जाने की आवश्यकता बताई, जो इस तरह के आतंकवादी अपराधों की जाँच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि दोषियों को सजा मिले.