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भाजपा को संघ की फटकार

भाजपा को संघ की फटकार

नई दिल्ली. 12 मार्च 2012

नितिन गडकरी


आरएसएस ने उत्तरप्रदेश के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हालत को लेकर पार्टी को जमकर लताड़ लगाई है. आरएसएस के मुखपत्र आर्गेनाइजर और पांचजन्य में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता की तुलना में नेता अधिक हो गये हैं.

संपादकीय में कहा गया है कि अगर यही लक्षण रहे तो 2014 में भाजपा सत्ता में आने से रही. जाहिर है, संघ की यह सलाह भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के लिये भी एक बड़े संकेत की तरह है.

आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र के संपादकीय में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी एक सुदृढ सांगठनिक ढांचा और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक मजबूत शृंखला होने के बावजूद मतदाता की नज़रों में क्यों नहीं चढ़ सकी. उत्तर प्रदेश में भाजपा को कार्यकर्ताओं से अधिक नेताओं की फौज के बारे में भी सोचना चाहिए.

संपादकीय में भाजपा को सलाह देते हुये कहा गया है कि ये परिणाम कई सवाल खड़े करते हैं, जिसके जवाब 2014 के चुनावों से पहले ही समय पर खोजने होंगे वरना ये चुनाव पार्टी के लिए अग्निपथ साबित होंगे और इसे पार कर सत्ता में आना कठिन साबित होगा.

संपादकीय में भाजपा की तुलना कांग्रेस पार्टी से करते हुये कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी भी कांग्रेस जैसी ही है जहां मतदाताओं से संपर्क ही नहीं है उनका. पिछले दस साल में आधे से अधिक वोट शेयर खत्म हो गया है पार्टी का.

भाजपा को चेतावनी देते हुये संपादकीय में संघ ने कहा है कि मुख्य रुप से वैचारिक मुद्दे, सैद्धांतिक रुख और विश्वासपूर्ण नेतृत्व से ही मतदाता आपके पास आता है. पार्टी से अधिक, नेता और नेता से अधिक पूर्व के रिकार्ड चुनाव परिणाम तय करते हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Rajnish Singh [] Mumbai - 2012-03-12 05:04:27

 
  सही कहा है संघ ने बीजेपी को सबसे पहले कार्यकर्ताओं को बढ़ाना चाहिए. कार्यकर्ता चयन में भी पारदर्शिता बरतनी चाहिए. ये ध्यान रखना होगा की कहीं राजनाथ और कलराज जैसों के एजेंट भाजपा कार्यकर्ता न बन जाएं. 
   
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