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राष्ट्रपति ने कहा-कम हुई महंगाई

राष्ट्रपति ने कहा-कम हुई महंगाई

नई दिल्ली. 12 मार्च 2012

प्रतिभा पाटिल


राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा है कि देश में देश से बाहर मौजूद काले धन का आंकलन करने के लिए कई स्वतंत्र एजेंसियों से अध्ययन कराया जा रहा है. सरकार ने काला धन मामले में कई कदम उठाये हैं. बजट सत्र की शुरुआत में संसद के संयुक्त सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि अर्थव्यवस्था जल्द ही 8-9 प्रतिशत अनुमान है. राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है और यह संसद में उनका अंतिम अभिभाषण होगा. बजट सत्र शुरू होने के साथ ही रेल बजट 14 मार्च को तथा आर्थिक समीक्षा 15 मार्च को पेश की जाएगी. चार दिन बाद 16 मार्च को वित्त 2012-13 का आम बजट पेश किया जाएगा.

राष्ट्रपति ने कहा कि देश के समक्ष पांच प्रमुख चुनौतियां हैं, जिन पर मेरी सरकार काम करेगी. उन्होंने कहा कि आबादी के एक बड़े हिस्से को आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए सतत प्रयास करना तथा देश से गरीबी, भूख और निरक्षरता समाप्त करने के लिए कार्यरत रहना. उन्होंने दूसरी बडी चुनौती की चर्चा करते हुए कहा, ‘त्वरित एवं व्यापक विकास तथा जनता के लिए आजीविका आधारित कार्यों का सृजन करते हुए आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करना.

प्रतिभा पाटिल ने तीन अन्य चुनौतियों में त्वरित विकास के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरण सुरक्षा को जोखिम में डाले बिना विकास लक्ष्य प्राप्त करना तथा न्यायसंगत, बहुलवाद, पंथनिरपेक्ष तथा समावेशी लोकतंत्र के दायरे में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करना गिनाया.

प्रतिभा पाटिल ने कहा कि उनकी सरकार ईमानदार एवं अधिक कारगर शासन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं.

पाकिस्तान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मामलों का हल बातचीत के जरिए करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह ध्यान में रखते हुए कि पाकिस्तान के लिए आवश्यक है कि वह अपनी जमीन पर आतंकवादी गुटों और उनसे संबंधित ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे, अब तक हुई प्रगति को हम आगे बढाना चाहेंगे.

राष्ट्रपति पाटिल ने कहा कि देश में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ी है. पिछला वर्ष अथर्व्यवस्था के लिए मुश्किलों भरा साल रहा है. आर्थिक विकास दर घटी है. पिछला एक साल चुनौतियों भरा रहा और कई अहम बिल संसद में पेश किए गए हैं. राष्ट्रपति पाटिल ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा हासिल करना एक चुनौती है. सभी को रोज़गार देने की कोशिश जारी है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई अहम काम किए गए हैं. कमज़ोर तबकों पर सरकार का ध्यान है.

राष्ट्रपति पाटिल ने ऐलान किया कि रूरल हेल्थ मिशन अब राष्ट्रीय मिशन बनेगा. सर्विस टैक्स का दायरा बढ़ाने के संकेत भी राष्ट्रपति ने दिए. राष्ट्रपति का कहना है कि सर्विस टैक्स से 30 हजार करोड़ तक की उगाही की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ कन्वेंशन का अनुसमर्थन किया है. इससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. न्याय प्रदान करने और कानूनी सुधार के लिए राष्ट्रीय मिशन का गठन पहले ही किया जा चुका है.

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस के अंतर्गत देश भर 97 हजार जनसमूदाय केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि नागरिकों को सार्वजनिक सेवाएं सुविधापूर्व प्राप्त हो सके. शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण और डाक सेवाओं में भी जल्दी ही नए ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे.


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