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मनमोहन सिंह का खाना खराब

मनमोहन सिंह का खाना खराब

नई दिल्ली. 14 मार्च 2012

मनमोहन सिंह


मनमोहन सिंह के डिनर में सहयोगी दलों के असहयोग ने बता दिया है कि यूपीए में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है, जैसा कि प्रदानमंत्री दावा करते रहे हैं. यूपीए की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी, इस बात को और पुख्ता बताने की कोशिश में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा आयोजित डिनर में बड़े नेताओं की अनुपस्थिति से कांग्रेस भी परेशान हो गई है.

गौरतलब है कि मंगलवार को यूपीए के सहयोगी दलों को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रात्रिभोज का निमंत्रण भेजा था. माना जा रहा था कि तमाम सहयोगी दल इस भोज में शामिल होकर मनमोहन सिंह सरकार के प्रति अपनी एकजुटता साबित करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

इस रात्रिभोज में तृणमूल कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ. इसी तरह सपा नेता मुलायम सिंह की उपस्थिति तय मानी जा रही थी लेकिन वे भी अनुपस्थित थे. लोकदल के खाते से मंत्री बने अजीत सिंह भी इस भोज में नहीं थे. लालू प्रसाद यादव की उपस्थिति कई नेताओं की अनुपस्थिति पर भारी रहती है लेकिन लालू यादव ने भी रात्रिभोज से किनारा कर लिया.

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय आतंकवादी रोधी केंद्र यानी एनसीटीसी, रिटेल सेक्टर में एफडीआई जैसे मुद्दों का लगातार विरोध कर रही है। पार्टी के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को मांग कर दी कि सरकार तुरंत एनसीटीसी से संबंधित अधिसूचना वापस ले। इस सिलसिले में राष्ट्रपति के अभिभाषण में संशोधन प्रस्ताव लाने का भी एलान कर दिया. तृणमूल के इस कदम को सरकार विरोधी माना जा रहा है. ऐसे में इस रात्रिभोज के बहाने बहुत सारे स्कोर सेटल करने की जुगत लगाई गई थी. लेकिन तृणमूल के तमाम बड़े नेताओं की अनुपस्थिति ने मनमोहन सिंह के इस डिनर में राजनीतिक जुगाड़ का खाना खराब कर दिया.


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