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एसपी के सुसाइड नोट का मजमून

एसपी के सुसाइड नोट का मजमून

बिलासपुर. 14 मार्च 2012

राहुल शर्मा


पुलिस ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एसपी राहुल शर्मा का एक सुसाइड नोट मिला है. बिलासपुर के आईजी का कहना है कि सुसाइड नोट में राहुल शर्मा ने अपने बॉस और उच्च न्यायालय के जज के दबाव को आत्महत्या की वजह बताया है.

गौरतलब है कि सोमवार की दोपहर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पदस्थापित आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा का शव पुलिस ऑफिसर्स मेस में पाया गया. पुलिस के अनुसार अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन सू़त्रों का कहना है कि 2002 बैच के आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा पिछले कुछ दिनों से पारिवारिक वजह से तनाव में थे. बिलासपुर के आईजी जीपी सिंह के साथ भी उनकी अनबन होने की भी खबर है. कहा जा रहा है कि वे आईजी की कार्यशैली से दुखी थे और खुलकर काम नहीं कर पा रहे थे.

राहुल शर्मा की पत्नी गायत्री शर्मा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन में पदस्थ हैं. आईपीएस अधिकारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रेलवे कालोनी के मकान में ही रहते थे. वे पिछले 15 दिनों से अवकाश पर थे और क्रिकेट खेलने के दौरान उनके पैर पर चोट लगी थी. उन्होंने रविवार को ही ड्यूटी ज्वाइन की थी. रविवार की रात अचानक वे आफिसर्स मेस पहुंचे और मुख्य इमारत के बाहर स्थित एक कमरे में ठहरे. ऐसा पहला मौका था कि वे जब वे रेलवे कालोनी का मकान छोड़कर आफिसर्स मेस में रुके थे. उनके पास सिविल लाईन में भी एक बंगला था लेकिन वे वहां भी नहीं गये.

सोमवार की सुबह राहुल शर्मा के गनैमन ने उन्हें नाश्ते के लिये पूछा तो उन्होंने बाद में नाश्ता करने की बात कही. बाद में वे एक बैठक में भी गये. दोपहर डेढ़-दो बजे के बीच राहुल शर्मा का गनमैन उन्हें भोजन के लिए कमरे में पूछने गया तो उसने पाया कि राहुल शर्मा की लाश बाथरुम के दरवाजे के पास लहुलुहान हालत में पड़ी थी. उनके सिर पर गोली चलने से सुराख हो गया था. पास ही उनकी सर्विस रिवाल्वर पड़ी थी. कमरे में उनका सामान बिखरा हुआ था. राहुल शर्मा ने गनमैन से ड्यूटी पर जाने की बात कही थी लेकिन उनकी देह पर वर्दी की जगह रोजमर्रा पहने जाने वाले कपड़े ही थे.

अब बिलासपुर के आईजी जीपी सिंह ने दावा किया है कि जिस कमरे में राहुल शर्मा की लाश पाई गई, वहां से ही एक सुसाइड नोट भी मिला है. आईजी का कहना है कि अंग्रेजी में लिखे इस सुसाइड नोट में राहुल शर्मा ने अपने बॉस और जजों से परेशान होने की बात कही है. आईजी ने मंगलवार को पत्रकारों को जो मजमून बताया वह कुछ इस तरह है- मैं इस जीवन से थक गया हूं और परेशान हूं. ऐसे दखल देने वाले बॉस और हाईकोर्ट के एरोगेंट जज ने पारिवारिक जीवन को तहस-नहस कर मेरी मानसिक शांति बर्बाद कर दी है. इस बड़े अवसाद की वजह से मैंने मौत को चुना है. गायत्री, इन सबके लिए सॉरी. प्लीज बच्चों का ख्याल रखना और उन्हें शांतिप्रिय बनाना.
छोटू, स्वामी, अम्मा, अप्पा, डैड और मॉम इससे ज्यादा दुखी होंगे. इनको मेरा प्यार. मैं जानता हूं कि तुम लोग मुझे कभी माफ नहीं करोगे. लेकिन मैं समझता हूं कि मरना ही बेहतर है और आप लोगों से इस पर यकीन करने की उम्मीद करता हूं. रोहित, इनका ख्याल रखना.
आलवेज राहुल

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

pushpraj [pushpraj06@gmail.com] patna - 2012-03-15 13:07:00

 
  भगत सिंह के देश में इस तरह की आत्महत्या पर रोना खुद के कायर होने का सुबूत होगा. लेकिन अपने दोस्त आप देश बर में ऐसे संवेदनशील युवाओं को राहुल की मौत मरने से रोको. जाहिर है कि राहुल को भगत सिंह के बारे में पढ़ने से रोका गया था. अगर राहुल ने भगत सिंह को ठीक से पढ़ लिया होता तो वे ऐसी मौत को अपने जीवन का अंतिम विकल्प नहीं मानते. जो अपने जीवन से हताश होकर ऐसे फैसले लेना चाहते हैं उन्हें जरूर बेहद गुप्त तरीके से मुझसे संवाद करना चाहिए. मैं हर बार मरता हूं जब अपनी पीढ़ी के किसी संवेदनशील युवा को इस तरह मरते देखता हूं.  
   
 

devrathore [rathoredev444@gmail.com] greater noida - 2012-03-14 07:09:16

 
  ऐसा नहीं करना था. परेशानी तो सबके साथ होती है. बेहद दुखद घटना. 
   
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