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6 लाख 20 हजार तक टैक्स नहीं

6 लाख 20 हजार तक टैक्स नहीं

नई दिल्ली. 15 मार्च 2012

टैक्स


अगर सबकुछ ठीक-ठीक रहा तो आम जनता को 6.20 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होगा. प्रत्यक्ष कर संहिता यानी डीटीसी विधेयक पर सुझाव देने के लिए गठित संससदीय समिति ने सिफारिश की है कि व्यक्तिगत आय पर कर छूट की सीमा 1.80 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर दिया जाए. इसी तरह कर बचत की सीमा को बढ़ाकर भी 3 लाख 20 हजार रुपए कर दिए जाने की सिफारिश की गई है. इस तरह अगर शुक्रवार को पेश होने वाली बजट में इन बातों को स्वीकार कर लिया गया तो आम आदमी को 6.20 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा.

प्रत्यक्ष कर संहिता के लिये संसदीय समिति ने जो सुझाव दिये हैं, उसके अनुसार तीन लाख से 10 लाख तक की आय पर 10 प्रतिशत, 10 से 20 लाख तक की आय पर 20 प्रतिशत और 20 लाख रुपए से अधिक आय पर 30 प्रतिशत करने को कहा गया है.

समिति की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 90 प्रतिशत आयकर दाता 0-5 लाख रुपए तक की आय के दायरे में आते हैं. हालांकि समिति ने वरिष्ठ नागरिकों की आय सीमा को 65 से घटाकर 60 वर्ष करने को कहा है.

हालांकि पूंजीवादी व्यवस्था के तलवे चाटने वाली इस अर्थव्यवस्था में यह जानना दिलचस्प है कि व्यक्तिगत आयकर मांग की कुल बकाया राशि का करीब 90 प्रतिशत 12 करदाताओं पर ही देय है. वित्त राज्य मंत्री एस एस पलानीमणिक्कम ने वाई पी त्रिवेदी के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा में हाल ही में यह जानकारी दी है कि 30 सितंबर 2011 के अनुसार वैयक्तिगत आयकर मांग की बकाया राशि का करीब 90 प्रतिशत भाग 12 करदाताओं से देय था. इन बकायादारों में हसन अली खान समूह के मामले और प्रतिभूति घोटाले के मामले शामिल हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

VIJAY SINGH [bijaysombansi@hotmail.com] JAMSHEDPUR - 2012-03-16 10:44:21

 
  Income tax limit extended upto 2 lakhs but there are so many other taxes which imposed on common man and undoubtly common man will suffer. 
   
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