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आयकर में छूट और सर्विस टैक्स में लूट

आयकर में छूट और सर्विस टैक्स में लूट

नई दिल्ली. 16 मार्च 2012

प्रणव मुखर्जी


2012-13 का बजट पेश करते हुये वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने दावा किया कि देश में जल्दी ही महंगाई पर लगाम लगाई जाएगी. महंगाई कम करने को लेकर वित्त मंत्री का पिछले 12 महीने में ये 17वां वायदा था. ताजा बजट में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आयकर में छूट देने की घोषणा की है. अब 1.80 लाख रुपए की जगह दो लाख रुपए तक की आय पर कर नहीं लगेगा. ये और बात है कि वित्तमंत्री ने सर्विस टैक्स में दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 10 से 12 प्रतिशत कर दिया है.

बजट में कथित तौर पर ग्रामीण इलाक़ों में चल रही परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र पर ध्यान दिया गया है और कृषि और सहकारी क्षेत्र में बजट प्रावधान में 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की गई है. वित्तमंत्री ने महंगी कारों और महंगा करने और बीड़ी, सिगरेट और गुटका को महंगा करने की घोषणा की है और एलईडी-एलसीडी टीवी आदि को सस्ता करने की घोषणा की है. इसके अलावा सरकार ने काला धन पर श्वेत पत्र जारी करने की घोषणा की है.

नये बजट के अनुसार अब दो लाख से पांच लाख रुपये तक 10 प्रतिशत की दर से आयकर देना होगा, जबकि पांच लाख से 10 लाख पर 20 प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर की आमदनी पर 30 प्रतिशत कर चुकाना होगा. 10 लाख तक की आय वाले लोगों के लिए राजीव गांधी इक्विटी योजना शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत शेयर बाजार में अधिकतम 50 हजार तक के निवेश पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. इस योजना का लॉकिंग पीरियड तीन वर्ष का होगा.

वित्तमंत्री ने कहा घोषणा की है कि नाकारात्मक सूची में शामिल 17 सेवाओं को छो़ड़कर सभी पर सर्विस टैक्स लगा दिया जाएगा. हालांकि कुछ क्षेत्रों को सर्विस टैक्स से राहत देने की घोषणा की गई है.उन्होंने कहा है कि सरकार एक्साइज़ टैक्स और सर्विस टैक्स को मिलाने की संभावना पर विचार करेगी. सरकार ने कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में बजट प्रावधान में 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और पूर्वी भारत में हरित क्रांति की योजनाओं के लिए भी धनराशि बढ़ा दी गई है.

वित्तमंत्री ने कृषि ऋण के लिए आवंटित राशि को वर्ष 2012-13 में एक लाख करोड़ रुपए बढ़ा कर छह लाख 75 हज़ार करोड़ रुपए करने की घोषणा की है. प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि किसान क्रेडिट कार्ड की योजना में सुधार किया जाएगा और अब इस क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड में बदल दिया जाएगा, जिससे कि इसका उपयोग एटीएम पर भी हो सके. उन्होंने ग्रामीण इलाक़ों में पीने के पानी और स्वच्छता के लिए बजट प्रावधान को 11 हज़ार करोड़ से बढ़ाकर 14 हज़ार करोड़ करने की घोषणा की है. इसी तरह प्रधानमंत्री ग्रामीण स्वरोजगार योजना में भी बजट प्रावधान 20 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है.

ताजा बजट में वित्त मंत्री ने सब्सिडी घटाने पर ज़ोर दिया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि कुछ सब्सिडी ग़ैरज़रूरी हैं. उन्होंने सब्सिडी को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद का दो प्रतिशत करने की घोषणा की है. मिट्टी का तेल यानी केरोसीन, घरेलू गैस यानी एलपीजी और पीडीएस के तहत मिलने वाले अनाज की सब्सिडी सीधे लोगों के बैंक अकाउंट में डालने का जो प्रयोग पिछले साल देश के विभिन्न हिस्सों में शुरु किया गया था, अब उसका विस्तार किया जाएगा. लेकिन यह कैसे किया जा सकेगा, इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं बताया.

शिक्षा के क्षेत्र में वित्तमंत्री ने छात्रों में मिलने वाले ऋण में सुविधा को बढ़ाने के लिए एक क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना की बात कही है. उन्होंने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में आबंटन बढ़ाने और ब्लॉक लेवल पर 6000 आदर्श स्कूलों की स्थापना की घोषणा की है. इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में पंजीकृत स्वास्थ्य कार्यकर्ता और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के विस्तार की घोषणा की गई है.

उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सात और मेडिकल कॉलेजों को शामिल करने की घोषणा की गई है. बजट घोषणा के अनुसार 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान, बुनियादी ढांचे में 50 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश होगा और इसमें से आधी राशि निजी क्षेत्रों से मिलने की उम्मीद है. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा है कि बुनियादी ढांचे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का समर्थन करने की योजना के तहत अहर्ता प्राप्त क्षेत्रों के तौर पर और क्षेत्र जोड़े गए हैं और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के ज़रिए संयुक्त उपक्रम वाली कंपनियां बनाने के लिए सरकार ने दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है.

प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि वर्ष 2012-13 में बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को वित्त मुहैया कराने के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपए के कर-मुक्त बांड मंजूर किए जाएंगे. बुनियादी ढाचांगत क्षेत्रों की एक संतुलित मास्टर सूची बनाई गई है जिसे सरकार ने मंजूरी दी है. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि ये टिकाऊ विकास का बजट है जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ रही है.


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