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माओवादियों की मांग से सरकार सकते में

माओवादियों की मांग से सरकार सकते में

भुवनेश्वर. 18 मार्च 2012

माओवादी


माओवादियों द्वारा अपह्त इटली के दो पर्यटकों के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं मिल पाई है. माना जा रहा है कि ओडीशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसी सीमावर्ती इलाके में इन पर्यटकों को बंधक बना कर रखा गया है. तीनों ही राज्यों में पुलिस के जवान पर्यटकों की सुरक्षित रिहाई की कोशिश में लगे हुये हैं. पुलिस के अनुसार माओवादियों ने पर्यटकों की रिहाई के लिये जिस तरह की मांग रखी है, उससे सरकार सकते में है.

गौरतलब है कि माओवादियों ने कंधमाल-गंजाम बॉर्डर पर इटली के दो पर्यटकों का उस समय अपहरण कर लिया, जब वे नदी में नहा रही औरतों की तस्वीरें खीच रहे थे. सरकारी सूत्रों के अनुसार इटली के इन दोनों में से एक पर्यटक पिछले 12 सालों से इन इलाकों में आता-जाता रहा है. वहीं दूसरे पर्यटक के बारे में बताया जाता है कि वह एक एडवेंचर टूरिज्म कंपनी चलाता है.

पर्यटकों की रिहाई के लिये केंद्र सरकार लगातार ओडीशा सरकार के साथ संपर्क में है. इसके अलावा इटली दूतावास से जुड़े लोग भी सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाये हुये हैं.

इस बीच माओवादियों ने दोनों पर्यटकों की रिहाई के लिये अपनी 13 सूत्रीय मांग रखी है. माओवादियों ने अपने खिलाफ चलाये जा रहे पुलिस ऑपरेशन को बंद करने के अलावा अपने कुछ नेताओं को रिहा करने की भी मांग की है. माओवादियों का कहना है कि अगर सरकार इन पर्यटकों की रिहाई चाहती है तो वह तत्काल शांति वार्ता की शुरुवात करे. हालांकि अधिकांश मामले केंद्र सरकार से जुड़े हुये हैं इसलिये सरकार इन मांगों को लेकर सकते में है

इससे पहले भी मल्कानगिरी के कलेक्टर आर. विनील कृष्णा का माओवादियों ने अपहरण किया था और आठ दिनों बाद उनकी रिहाई हो सकी थी.


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