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ओडीशा में माओवादियों ने जारी की सीडी

ओडीशा में माओवादियों ने जारी की सीडी

भुवनेश्वर. 18 मार्च 2012 वासुदेव महापात्रा

बॉसस्को पाओलो

बॉसस्को पाओलो


ओडीशा के गंजाम जिले में माओवादियों द्वारा अपह्रत इटली के दोनों पर्यटकों बॉसस्को पाओलो और न्लोडियो कोलेंजेलो हैं. माओवादी चाहते हैं कि राज्य सरकार उनकी 13 सूत्रीय मांगों पर तुरंत कार्रवाई करे. इसमें से एक कुछ मांगें माओवादी नेताओं को छोडऩे की भी है.

ऐसा पहली बार हुआ है, जब माओवादियों ने विदेशी सैलानियों का अपहरण किया है. नक्सलियों द्वारा जारी आडियो सीडी में अपना परिचय देते हुए कहा गया है कि मैं सीपीआई माओवादी राज्य सचिव सुनील (सीपीआई माओवादी में सक्रिय सव्यसाची पंडा का नाम) यह आडियो सीडी प्रेस को जारी कर रहा हूं.

इस सीडी में सुनील ने कहा है कि आदिवासियों को दर्शनीय वस्तु बनाकर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है. वह आदिवासी क्षेत्रों में विदेशी पर्यटकों को नहीं जाने का दावा करती है किंतु पर्यटकों का यहां आना इस झूठ को साबित करता है.

आडियो में कहा गया है कि एक ओर ग्रामीण अंचलों में जहां पुलिस तैनात कर जंगलों को आग लगा रही है, वहीं अदिवासियों द्वारा एकत्रित जंगली वस्तुओं को पुलिस जब्त कर रही है. इस तरह सरकार, पर्यटकों के लिए आदिवासी अंचल को खोलकर जिस तरह की भूमिका निभा रही है वह हास्यास्पद है. इसलिए हमने इन दोनों विदेशी पर्यटकों को बंधक बनाया है.

ऑडियो में कहा गया है कि इन आदिवासियों को बंदर- बनमानुष समझते हुए इन पर्यटकों द्वारा जिस तरह से व्यवहार किया जा रहा है, वह अमानवीय है. उसमें सरकार की भूमिका है. वस्तुत: सरकार एक तरह से व्यापार कर रही है. हम इसका विरोध करते हैं.

माओवादी नेता सुनील ने चेतावनी देते हुये कहा है कि सरकार यदि इन दोनों पर्यटकों को छुड़ाना चाहती है तो वह रविवार 18 मार्च की शाम तक राज्य में चलाए जा रहे तमाम ऑपरेशन को बंद कर दे. इसके बाद हमारी 13 मांगें हैं जिस पर सरकार से बात होगी. यदि हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो इन दोनों पर्यटकों के जान की जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी.

ओडिशा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुरी से दो अन्य लोगों के साथ 12 मार्च को इलाके के दौरे पर आए विदेशी पर्यटकों की पहचान बोसुस्को पाओलो तथा न्लाडियो कोलांगेलो के तौर पर हुई है और इनमें से एक करीब दस साल से पुरी में रह रहा था.

कंधमाल के एसपी जेएन पंकज ने बताया कि पुरी के कुछ टूर ऑपरेटरों के साथ दो इतालवी पर्यटक दरिंगीबाड़ी आए थे. एक पर्यटक को 12 मार्च को कंधमाल में देखा गया था. पुलिस ने उन्हें इलाके में माओवादियों से सतर्क रहने के लिए आगाह किया था. पुलिस अधीक्षक ने कहा, पर्यटकों ने बात मानी थी और इलाके में अंदर नहीं जाने के लिए तैयार हो गये थे. उन्होंने कहा कि पुलिस को इसके बाद पर्यटकों की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, कोई भी कदम उठाने से पहले हम ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं.

इधर जन अधिकार मंच के संयोजक दंडापानी मोहंती ने माओवादियों से अपनी मांगों के लिए कोई समय सीमा नहीं तय करने की अपील की है. मोहंती ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया.

ज्ञार रहे कि नक्सलियों ने पिछले साल फरवरी में मल्कानगिरी के एक सुदूर इलाके से तत्कालीन कलेक्टर आर वी कृष्णा के साथ एक जूनियर इंजीनियर को अगवा कर लिया था. दोनों को सरकार के साथ तीन मध्यस्थों की मदद से हुई सहमति के बाद रिहा किया गया.


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