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दाम के लिये पाउली दाम

दाम के लिये पाउली दाम

मुंबई. 23 मार्च 2012

पाउली दाम


क्या भारत अब सार्वजनिक तौर पर भी पोर्न फिल्मों को स्वीकार करने लगा है? कम से कम भट्ट कैंप की फिल्म हेट स्टोरी औऱ उसकी हीरोइन पाउली दाम को लेकर जितनी चर्चा हो रही है, उससे तो यही लगता है कि अब भारतीय फिल्मों में भी सॉफ्ट पोर्न के आम होने के दिन आ गये हैं. फिल्म की अभिनेत्री पाउली दाम के बारे में कसीदे काढ़े जा रहे हैं कि वे बहुत बोल्ड हैं और एक्सट्रा टैलेंटेड हैं. हालांकि उनके अभिनय को लेकर कोई भी यह नहीं कह रहा है कि वो बहुत कुशल अभिनेत्री हैं. यानी भट्ट कैंप की नयी परिभाषा यह है कि भैय्या, अभिनय-वभिनय के दिन लद गये, अब तो केवल बोल्डनेस बेचो.

हेट स्टोरी के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री का कहना है कि पाउली दाम से जब वो पहली बार इस फिल्म के सिलसिले में मिले तो उन्होंने उससे अभिनय को लेकर कोई बात नहीं की. उनका पहला सवाल था कि क्या तुम कैमरे के सामने नेकड खड़ी रह सकती हो. बकौल विवेक अग्निहोत्री, पाउल दाम ने पलक झपकाए बिना हां कह दिया और विवेक ने भी बिना देरी किये पाउल दाम को का साइन कर लिया.

अब पाउल दाम की खूबियों को लेकर भी विवेक अग्निहोत्री के विचार सुनें. विवेक के अनुसार फिल्मों में ज्यादातर सेक्स सींस की शूटिंग के दौरान हमें फिल्म टीम के दूसरे सदस्यों को वहां से हटाना पड़ता है लेकिन पाउल दाम को ऐसे सीन करने में भी कोई असुविधा नहीं होती और वे क्रू के तमाम सदस्यों की उपस्थिति में भी ऐसे दृश्य बहुत आसानी से कर लेती हैं.

जाहिर है, हेट स्टोरी के सहारे भारतीय फिल्म उद्योग का बॉलीवुड खेमा पोर्न की दुनिया में दस्तक दे रहा है. वैसे यह जानना भी दिलचस्प है कि अकेले अमरीकी एडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री 60,000 करोड़ रुपये के आसपास का कारोबार करती है. ऐसे में पैसे की हवस तो भारतीय इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के जीभ में पानी लाएगी ही. लेकिन भट्टे खेमे के महेश भट्ट दार्शनिक तरीके से इन सब मुद्दों से किनारा करते हुये कहते हैं- पहले जो काम खलनायिकाएं किया करती थीं, अब वही काम फिल्म में हीरोइन करने लगी है.