पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

सचिन झल्लाये-नहीं लूंगा संन्यास

सचिन झल्लाये-नहीं लूंगा संन्यास

नई दिल्ली. 23 मार्च 2012

सचिन तेदुंलकर


34 मैचों तक शतक पूरा न हो पाने से निराश सचिन तेंदुलकर ने अब जबकि अपना शतकों का शतक पूरा कर लिया है तो क्रिकेट के सहारे पैसे कमाने के मोह ने उन्हें फिर से उलझा दिया है. अब सचिन का कहना है कि वे संन्यास नहीं लेंगे. उन्होंने कहा कि मेरी आलोचना करने वालों ने मुझे क्रिकेट नहीं सिखाया है. जब तक मुझे लगेगा कि मैं देश के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं, मैं खेलता रहूंगा.

हाल ही में बीसीसीआई की चयन समिति के प्रमुख श्रीकांत ने कहा था कि सचिन तेंदुलकर को ही इस बात का फैसला करने दिया जाए कि वह कब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेंगे. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली गई टेस्ट व एकदिवसीय श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद सीनियर खिलाड़ियों पर संन्यास लेने का दबाव बढ़ गया है. इसी क्रम में राहुल द्रविड़ टेस्ट मैचों से संन्यास ले चुके हैं, सौरभ गांगुली कम से कम एक दर्जन बार सचिन तेंदुलकर को प्रत्यक्ष-अप्रत्क्ष तौर पर संन्यास लेने की बात कर चुके हैं.

इधर ओपन पत्रिका को दिये एक साक्षात्कार में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि आलोचना करने वाले अनेक सवाल उठा सकते हैं लेकिन वे अपने ही खड़े किये गये सवालों का जवाब नहीं दे सकते क्योंकि उनमें से कोई भी मेरी दशा को नहीं समझ पायेगा और यह नामुमकिन है कि वे जान लें कि मैं क्या सोच रहा हूं और कैसा महसूस कर रहा हूं.

सचिन तेंदुलकर का कहना था कि मैं क्रिकेट खेलने का मजा ले रहा हूं और जब तक मुझे अच्छा लगेगा खेलता रहूंगा. मुझे अपने संन्यास की बात मीडिया से छुपाने कोई जरूरत नहीं है. मीडिया मेरे साथ 25 साल से हैं, यकीनन मीडिया को बताउंगा. फिलहाल संन्यास के बारे में सोच भी नहीं रहा हूं.

सचिन तेंदुलकर ने इस साक्षात्कार में कहा कि मैं हमेशा अच्छा बनना चाहता हूं और हमेशा ही उत्कृष्टता हासिल करने का प्रयास करता हूं, लेकिन आप लोग ‘द ग्रेटस्ट’ जैसा ठप्पा लगाते हैं तो मैं सम्मानित और शर्मिदा दोनों एक साथ महसूस करता हूं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

mohd afzal [mohammads786@gmail.com] mumbai - 2012-03-23 05:32:59

 
  Sachin should give chance to young players also.  
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in