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गुजरात पोर्नकांड में क्लिन चिट

गुजरात पोर्नकांड में क्लिन चिट

गांधीनगर. 23 मार्च 2012

पोर्न फिल्म


भाजपा विधायकों द्वारा विधानसभा के अंदर कथित तौर पर अश्लील फिल्म देखने के मामले में फंसी गुजरात सरकार का दावा है कि राज्य की फॉरेंसिक साइंस लैबरेटरी ने विधायकों को क्लीन चिट दे दी है. कहा जा रहा है कि एफएसएल ने आईपैड की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष गणपत वासव को सौंपी, जिसे उन्होंने विधानसभा में पढ़कर सुनाया. कहा गया कि एफएसएल के अनुसार आईपैड में कोई अश्लील विडियो या तस्वीर नहीं थी. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह एफएसएल रिपोर्ट सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंप रहे हैं, जो इस मामले की जांच कर रही है. बताया गया कि एफएसएल की रिपोर्ट के मुताबिक आईपैड में विधायक के मेल, कुछ रिपोर्ट, 4,000 तस्वीरें तथा 11 विडियो क्लिप हैं, लेकिन इसमें कोई भी तस्वीर या विडियो अश्लील नहीं है.

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा में दो विधायकों द्वारा कार्रवाई के दौरान पोर्न फिल्म देखने की बात सामने आई थी. एक एजेंसी द्वारा जारी खबर के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब सदन का पहला सत्र खत्म होने में घंटे भर की देरी थी. बताया जाता है कि भाजपा विधायक शंकर चौधरी अपने टैबलेट के साथ सदन में आए और अपनी सीट पर जा बैठे हुये थे. उसी समय सहेरा के विधायक जेठाभाई भरवाड़ भी उनके पास जा बैठे. उसके बाद बैजेठाभाई भरवाड़ टैबलेट पर सर्फिग कर अश्लील फिल्म देखने लगे.

कुछ पत्रकारों ने जब यह सब देखा तो उन्होंने स्पीकर तक खबर पहुंचाई. इसके बाद स्पीकर ने दोनों विधायकों को ऐसा करने से रोकने के लिये संदेश भेजा. हालांकि बाद में सफाई दी गई कि दोनों विधायक एक जरुरी आंकड़ा देखने के लिये टैबलेट का उपयोग कर रहे थे और अश्लील फिल्म देखने का मामला बेहुनियाद है.

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में सदन की कार्रवाई के दौरान राज्य के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवाडी और महिला व बाल कल्याण मंत्री सीसी पाटिल को पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़ा गया था. दोनों मंत्री उस दौरान पोर्न फिल्म देख रहे थे, जब विधानसभा में बीजापुर जिले में पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर हंगामेदार बहस चल रही थी. उन्हें यह फिल्म एक तीसरे मंत्री कृष्णा पालेमर ने अपने मोबाइल से फारवर्ड की थी.

कुछ टीवी चैनलों ने दोनों मंत्रियों को विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पोर्न फिल्म देखते हुये पकड़े जाने के बाद उसके क्लिप का भी प्रसारण किया. इसके बाद राजनीतिक गलियारे में हंगामा मच गया. कांग्रेस की मांग थी कि दोनों मंत्रियों को इस मामले के लिये बर्खास्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जाये.

तीनों मंत्री सफाई देते रहे कि वे मंगलोर में रेव पार्टी की एक क्लिप देख रहे थे और लगाया गया आरोप पूरी तरह से झूठा है. लेकिन लगातार विरोध के बाद शर्मिंदगी झेल रही भारतीय जनता पार्टी ने तीनों मंत्रियों को मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा और पार्टी के दबाव में तीनों मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद इन तीनों के विधानसभा में प्रवेश पर भी रोक लगा दिया गया.


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