पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

तलाक के बाद भी संपत्ति में अधिकार

तलाक के बाद भी संपत्ति में अधिकार

नई दिल्ली. 24 मार्च 2012

तलाक विवाह


आने वाले दिनों में झट मंगनी, पट ब्याह की तर्ज पर झट आवेदन, फट तलाक जैसे मुहावरे भी सामने आ सकते हैं. मंत्रिमडल ने शुक्रवार को विवाह कानून में संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है. अगर इन बदलावों को संसद से मंजूरी मिल गई तो तलाक और तलाकशुदा माता-पिता और उनके बच्चों के कानूनी अधिकारों में बड़ा बदलाव आ जाएगा.

प्रस्तावित विवाह कानून संशोधन अधिनियम, 2010 के तहत विवाह के बाद पति द्वारा अर्जित जायदाद में उसकी पत्नी की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी. शादी के बाद खरीदी गयी पति की संपत्ति में महिला को हिस्सा सुनिश्चित करने वाले एक विधेयक को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी.

इसके अलावा इस कानून में गोद लिये हुए बच्चों को भी मां-बाप से जन्मे बच्चों के समान अधिकार दिलाना भी शामिल है. इसके अनुसार महिला को पुरुष के ऊपर एक अन्य अधिकार दिया जा सकता है, जिसमें शादी टूटने और दोबारा रिश्ता कायम न होने की स्थिति में महिला के पास इस आधार पर अपील का अधिकार होगा, लेकिन पुरुष के पास ऐसा कोई कानूनी हक नहीं होगा.

सरकार ने संसदीय समिति की इस सिफारिश को भी मान लिया है कि तलाक की स्थिति में पत्नी का पति की संपत्ति में अधिकार होगा लेकिन कितना हिस्सा मिलेगा, यह मामले दर मामले आधार पर अदालतें तय करेंगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in