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तीन राज्यों में कांग्रेस, दो में भाजपा

तीन राज्यों में कांग्रेस, दो में भाजपा

नई दिल्ली. 9 दिसंबर 2008


पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों में कांग्रेस को भारी सफलता मिली है, वहीं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने अपनी सरकार बचा ली है.

सारे अनुमानों को गलत साबित करते हुए दिल्ली की कुर्सी पर कांग्रेस की शीला दीक्षित ने अपना कब्जा बरकरार रखा है. मध्यप्रदेश में भाजपा के शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ में भाजपी के ही रमन सिंह की सरकार पर जनता ने फिर से भरोसा जताया है. लेकिन राजस्थान में वसुंधरा राजे भाजपा की सरकार नहीं बचा पाईं और उन्हें जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया है. हालांकि वहां कांग्रेस को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिला है लेकिन वह सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है. मिजोरम में जनता ने कांग्रेस को चुना है.

दिल्ली में कुल 70 सीटों में से कांग्रेस को 42, भाजपा को 23 और अन्य को 4 सीटें मिली हैं. राजस्थान में कुल 200 सीटों में से कांग्रेस को 98 सीटें मिली हैं और वसुंधरा राजे की भाजपा को 76 सीटों पर संतोष करना पड़ा है. अन्य को यहां 26 सीटों पर सफलता मिली है.

राजस्थान के ठीक उलट मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह के नेतृत्व में भाजपा को 230 में से 142 सीटें मिली हैं और कांग्रेस को 70 सीटों पर सिमटना पड़ा है.

छत्तीसगढ़ में भी पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की तरह ही भाजपा का प्रदर्शन रहा और 90 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा को 50 सीटें मिली हैं. यहां पिछली बार के मुकाबले कांग्रेस को 4 सीटों का फायदा हुआ है और इस बार विपक्ष में बैठने के लिए जनता ने कुल 38 प्रत्याशियों को चुना है. छत्तीसगढ़ में बसपा को 2 सीटें मिली हैं, जबकि सीपीआई-सीपीएम को लेकर लगाए जाने वाले सारे कयास धरे रह गए और इन दोनों के दलों के लोगों को पराजय का सामना करना पड़ा है.

मिजोरम में कुल 40 सीटों में से कांग्रेस को 32 सीटें मिली हैं, जबकी एमएमएफ को 4 सीटों पर ही जनता ने पसंद किया. वहां अन्य उम्मीदवारों ने 4 सीटों पर कब्जा जमाया है.


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