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संन्यास का फैसला मैं लूंगा-सचिन

संन्यास का फैसला मैं लूंगा-सचिन

मुंबई. 25 मार्च 2012

सचिन तेंदुलकर


क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर कहा है कि जब उन्हें लगेगा, वे खुद ही संन्यास ले लेंगे. आलोचकों को इस बारे में सलाह देने की जरुरत नहीं है. एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि सर डॉन ब्रैडमैन का उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट टीम में शामिल करना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है.

सचिन ने कहा कि मै इस बात से सहमत नहीं हूं कि खिलाड़ी को करियर की ऊंचाई पर खेल से संन्यास लेना चाहिए, मेरे हिसाब से ऐसा करना खुदगर्जी है. मै तब तक खेलना चाहता हूं जब तक देश के लिए खेलने का जज्बा बरकरार है. वो अगला विश्व कप खेल पाएंगे या नहीं, इस सवाल का जवाब देते हुए सचिन ने कहा कि वो सिर्फ खेल का मजा लेना चाहते है.

उन्होंने कहा कि मैच से पहले टीम की बैठक में मैच जीतने की रणनीति बनती है, रिकॉर्ड तोड़ने की कोई रणनीति नहीं बनती. भारत मैच हारकर एशिया कप में पीछे चला गया इसका मुझे दुख है. उसी दिन मेरा सौवा शतक बना था, लेकिन मैच हार गए तो शतक की खुशी भी कम हो गई. 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का उनका अजेय माना जा रहा रिकॉर्ड क्या कभी टूट पाएगा, इस सवाल पर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उम्मीद जतायी कि जब भी ऐसा होगा तो ऐसा करने वाला कोई भारतीय हो.

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि एशिया कप शुरू होने से पहले लोग कह रहे थे बांग्लादेश से ज्यादा दूसरी टीमों पर ध्यान देने की जरूरत है लेकिन वो गलत थे. बांग्लादेश ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. जितने भी मैच बांग्लादेश ने खेले सभी में उन्होंने अच्छे खेल का जज्बा दिखाया.

उन्होंने कहा कि सर डॉन ब्रैडमैन ने मुझे अपने वर्ल्ड क्रिकेट टीम में जगह दी, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात थी. इसी को मै अपनी सबसे बड़ी तारीफ मानता हूं.

टेस्ट क्रिकेट के महत्व पर बात करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि क्रिकेट के इस संस्करण को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है. टेस्ट क्रिकेट खेल का वो संस्करण है जिसमें खिलाड़ी की असली क्षमता पता चलती है.


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